मुजफ्फरपुर से ब्रिटिश कैबिनेट तक… कौन हैं कनिष्क नारायण, जिनकी दुनिया भर में हो रही चर्चा?
UK First AI Minister: ब्रिटेन की नई सरकार में भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को देश का पहला AI मंत्री नियुक्त किया गया है। बिहार से ताल्लुक रखने वाले कनिष्क वेल्स के पहले अल्पसंख्यक सांसद भी हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
कनिष्क नारायण, AI मॉडिफाइड फोटो
UK First AI Minister Kanishka Narayan: ब्रिटेन के नवनियुक्त प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए कनिष्क नारायण को देश का पहला ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) मंत्री नियुक्त किया है। गौरतलब है कि एंडी बर्नहैम ने कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री पद की कमान संभाली है।
कनिष्क नारायण लेबर पार्टी के उन प्रमुख चेहरों में शामिल हैं, जिन्होंने पिछली सरकार में भी अपनी प्रशासनिक क्षमताओं का लोहा मनवाया था। वेल्स से आने वाले कनिष्क को अब ब्रिटेन की नई डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास को गति देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कौन हैं कनिष्क नारायण?
कनिष्क नारायण का जन्म भारत में बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था। वे महज 12 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ ब्रिटेन के कार्डिफ चले गए थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कार्डिफ के कैथेज हाई स्कूल में हुई।
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इसके बाद उन्होंने विश्व प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की और अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की डिग्री हासिल की। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी यह मेधा उनके राजनीतिक और प्रशासनिक करियर में भी साफ झलकती है।
वेल्स में रचा था ऐतिहासिक कीर्तिमान
कनिष्क नारायण ने साल 2024 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और वेले ऑफ ग्लैमोरगन सीट से जीत हासिल कर संसद पहुंचे। उनकी यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक थी। न केवल उन्होंने 14 साल बाद इस सीट पर लेबर पार्टी की वापसी कराई, बल्कि वे वेल्स से सांसद बनने वाले पहले जातीय अल्पसंख्यक नेता भी बने।
कनिष्क नारायण के पास क्या है प्रशासनिक अनुभव?
एआई मंत्री बनने से पहले कनिष्क नारायण ने ब्रिटिश सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। जुलाई 2024 से सितंबर 2025 के बीच उन्होंने पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग में संसदीय निजी सचिव (PPS) के तौर पर अपनी सेवाएं दी थीं।
राजनीति के अलावा, वे सामाजिक कार्यों में भी हमेशा आगे रहे हैं। उन्होंने अटैन वेल्स नामक एक गैर-लाभकारी संगठन की सह-स्थापना की, जो दक्षिण वेल्स में शिक्षा और सामाजिक गतिशीलता को बढ़ावा देने का काम करता है।
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प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने कार्यभार संभालते ही ब्रिटेन के लिए एक नए राजनीतिक मॉडल और आधुनिक अर्थव्यवस्था के निर्माण का संकल्प लिया है। इस विजन में कनिष्क नारायण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि एआई के माध्यम से ब्रिटेन वैश्विक तकनीक के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। कनिष्क की इस उपलब्धि से न केवल ब्रिटेन में भारतीय समुदाय गौरवान्वित है, बल्कि उनके पैतृक राज्य बिहार में भी खुशी की लहर है।
