मास्को पर हमला करने की तैयारी में ट्रंप, जेलेंस्की को किया हथियार देने का वादा

Trump Zelensky Meeting: 4 जुलाई 2025 को ट्रंप और जेलेंस्की की गुप्त मीटिंग में रूस पर आक्रामक हमले की रणनीति बनी, जिसमें मॉस्को तक हमला करने और लंबी दूरी के हथियार देने पर सहमति हुई।
मास्को पर हमला करने की तैयारी में ट्रंप, जेलेंस्की को हथियार देने का किया वादा
डोनाल्ड ट्रंप, वोलोडिमिर जेलेंस्की (फोटो- सोशल मीडिया)
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वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस की राजधानी मास्को पर हमला करने की तैयारी में हैं। ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ एक सीक्रेट मीटिंग करते हुए उन्हें रूस के खिलाफ हथियार देने का वादा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम के चलते इस युद्ध ने अलग मोड़ ले लिया है।

मीटिंग में ट्रंप ने जेलेंस्की से पूछा कि क्या आप मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग पर भी हमला कर सकते हैं? इस सवाल के जवाब में जेलेंस्की ने कहा कि अगर हमें हथियार दें तो हम बिल्कुल मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग पर हमला कर सकते हैं। दोनों नेताओं के बीच ये बातचीत 4 जुलाई 2025 को हुई थी।

पुतिन को मजबूर करना लक्ष्य

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मीटिंग के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को रूस के अंदर घुसकर हमला करने की इजाजत दे दी है। साथ ही अमेरिका यूक्रेन को इसके लिए लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियार देने का वादा भी किया है। ट्रंप ने इसे लेकर कहा है कि, उनका मकसद रूस के भीतर हमला करके पुतिन को बातचीत की मेज पर लाना है।

ट्रंप और जेलेंस्की की मीटिंग को लेकर एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत यूक्रेन और पश्चिमी देशों के बीच उभरती संभावनाओं को दर्शाती है। इस मीटिंग में दोनों रूस पर गहरे और आक्रमक हमला करने को लेकर सहमत हुए हैं। वो इस युद्ध को मॉस्को तक पहुंचाना चाहते हैं। यह भावना अमेरिकी नीति-निर्माताओं के बीच भी धीरे-धीरे मजबूत हो रही है।

ट्रंप हथियार देने के लिए राजी

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप यूक्रेन को हथियार देने के लिए राजी हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को हथियार देने के मुद्दे पर कई बार अपनी राय बदली। शुरू में, उन्होंने यूक्रेन को सैन्य सहायता देने का समर्थन किया, खासकर रूस के खिलाफ लड़ाई में। इसके बाद उन्होंने राष्टपति चुनाव से ठीक पहले यह कहना शुरू कर दिया था कि यूक्रेन की जंग में अमेरिका बेवजह अपना पैसा और हथियार बर्बाद कर रहा है। ट्रंप ने ये तक कह दिया था कि अगर वो राष्ट्रपति बने तो यूक्रेन को मिलने वाली मदद पर रोक लगा देगे। चुनाव जीतने के बाद ट्रंप ने ऐसा किया भी, लेकिन फिर मिनरल डील के बाद अपने फैसले को वापस ले लिया।

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