डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Iran War News: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान और अमेरिका के बीच का भीषण संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां युद्ध के मैदान से ज्यादा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने अनिश्चितता पैदा कर दी है। मंगलवार तक ट्रंप के बयानों में लगातार हो रहे बदलावों ने सहयोगियों और विरोधियों दोनों को ही हैरान कर दिया है।
ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के बयान हर 12 घंटे में पलट रहे हैं। फ्लोरिडा के डोरल शहर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि अमेरिका कई मायनों में यह युद्ध जीत चुका है लेकिन साथ ही यह भी जोड़ दिया कि अभी पूरी तरह जीत नहीं मिली है।, ट्रंप ने एक तरफ सीबीएस न्यूज को बताया कि युद्ध ‘लगभग पूरी तरह खत्म’ हो चुका है, लेकिन जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या यह इसी हफ्ते खत्म होगा, तो उन्होंने इसे जल्द होने की बात कहकर टाल दिया।
हैरानी की बात यह है कि ट्रंप का बयान उनके अपने ही रक्षा मंत्री के दावों से मेल नहीं खा रहा है। जहां ट्रंप युद्ध को खत्म होने के करीब बता रहे हैं, वहीं उनके रक्षा मंत्री इसे ‘सिर्फ शुरुआत’ करार दे रहे हैं।
इस विरोधाभास पर ट्रंप का कहना है कि दोनों बातें सही हो सकती हैं और यह एक नए देश के निर्माण की शुरुआत भी हो सकती है। हालांकि, उनके सलाहकार पहले स्पष्ट कर चुके थे कि अमेरिका किसी भी तरह के ‘नेशन बिल्डिंग’ यानी नया देश बनाने की प्रक्रिया में शामिल नहीं होगा।
तनाव इस कदर बढ़ गया है कि चर्चाएं तेज हैं कि अमेरिका तेहरान पर B-52 विमानों के जरिए 32,000 किलो वजनी बम भी गिरा सकता है। इस सैन्य तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुकी हैं। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे तेल बाजार को शांत करने के लिए कुछ देशों पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे सकते हैं, जो उनकी पुरानी नीतियों के बिल्कुल विपरीत है।
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ट्रंप की इस ‘अस्पष्ट रणनीति’ पर विपक्षी डेमोक्रेट नेताओं ने तीखे सवाल उठाए हैं। सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने आरोप लगाया कि ट्रंप के पास न तो कोई ठोस रणनीति है और न ही भविष्य की कोई साफ योजना। ट्रंप ने अब फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में यह भी कहा है कि वे ईरान से बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन सब कुछ ईरान की शर्तों पर निर्भर करेगा।