अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump Tweet Iran Embassy Reaction: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अब कूटनीतिक जंग सोशल मीडिया के मैदान पर उतर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए एक रहस्यमयी संदेश और उस पर ईरानी दूतावास के तीखे जवाब ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। युद्ध के इस गंभीर माहौल में इस ‘ट्वीट युद्ध’ को एक बड़े मनोवैज्ञानिक दबाव के रूप में देखा जा रहा है।
सोमवार रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक छोटा लेकिन बेहद चर्चा बटोरने वाला संदेश लिखा: ‘मंगलवार, रात 8:00 बजे ईस्टर्न टाइम!’। ट्रंप ने इस ट्वीट में यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किसी बड़े सैन्य हमले की बात कर रहे हैं, किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस की या किसी राजनीतिक घोषणा की। लेकिन वर्तमान युद्ध की स्थिति को देखते हुए, दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ और आम लोग इसे संभावित हमले की टाइमिंग की चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
ट्रंप के इस ट्वीट का जवाब जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने एक ऐसे तंज के साथ दिया जिसने कूटनीति के गलियारों में हलचल पैदा कर दी। दूतावास ने ट्रंप के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए मजाक उड़ाने वाले लहजे में लिखा, ‘रात 8 बजे का समय उतना अच्छा नहीं है। क्या आप इसे दोपहर 1 से 2 बजे के बीच बदल सकते हैं? या फिर अगर संभव हो तो रात 1 से 2 बजे (तड़के) के बीच? इस महत्वपूर्ण मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।’।
8 P.M. is not that good. Could you change it to between 1 and 2 P.M., or if possible, 1 and 2 A.M.?
Thank you for your attention to this important matter. I.E.Z. pic.twitter.com/deSXD8rpvD — Iran Embassy in Zimbabwe (@IRANinZIMBABWE) April 6, 2026
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरानी दूतावास का यह ट्वीट महज एक मजाक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है:
डर का अभाव: दूतावास यह जताना चाहता है कि वे ट्रंप की किसी भी ‘डेडलाइन’ या सैन्य चेतावनी से डरे हुए नहीं हैं।
तेहरान की टाइमिंग: दूतावास द्वारा सुझाया गया रात 1 से 2 बजे (A.M.) का समय सीधे तौर पर तेहरान के स्थानीय समय की ओर इशारा करता है। ईरान यह संदेश देना चाहता है कि अगर कुछ होना है तो वह उनकी सुविधा और उनके समय के हिसाब से हो।
मनोवैज्ञानिक दबाव: किसी भी गंभीर सैन्य खतरे को ‘शेड्यूलिंग’ के मजाक में बदल देना दुश्मन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की एक कला है।
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जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास का यह ट्वीट कुछ ही घंटों में वायरल हो गया और इसे 2.8 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। लोग इसे कूटनीति के इतिहास का सबसे आक्रामक और साहसी तंज बता रहे हैं। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार रात 8 बजे पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप सचमुच किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन का ऐलान करने वाले हैं या यह केवल एक सोशल मीडिया युद्ध बनकर रह जाएगा।