ईरान ने ट्रंप का सीजफायर प्रस्ताव ठुकराया, अब अमेरिका करेगा पावर प्लांट पर भीषण हमला?

Iran Rejects Ceasefire: ईरान ने युद्धविराम के ताजा प्रस्ताव को खारिज करते हुए युद्ध के स्थायी अंत की मांग की है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान को मंगलवार रात तक का अल्टीमेटम दिया है।
Iran Rejects Trump's Ceasefire Proposal; Will the US Now Launch a Massive Attack on a Power Plant?
डोनाल्ड ट्रंप,और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Rejects Ceasefire US Proposal: मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान ने सोमवार को युद्धविराम के नवीनतम प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि वह केवल युद्ध का पूर्ण और स्थायी अंत चाहता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई 'डेडलाइन' का समय करीब आ रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि Strait of Hormuz को खोलने की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर देगा।

केवल पूर्ण विराम, अस्थायी सुलह नहीं

काहिरा में ईरानी राजनयिक मिशन के प्रमुख मोजतबा फेरदौसी पौर ने स्पष्ट किया कि ईरान केवल युद्धविराम स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान को इस बात की गारंटी चाहिए कि उस पर दोबारा हमला नहीं किया जाएगा और वह युद्ध के स्थायी अंत के पक्ष में है। रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान ने अपना यह जवाब मध्यस्थ देश पाकिस्तान के माध्यम से भेजा है।

ट्रंप का 'फाइनल अल्टीमेटम'

वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या मंगलवार रात 8 बजे (वॉशिंगटन समय) उनकी अंतिम समय सीमा है, तो उन्होंने 'हां' में जवाब दिया। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं होता है तो अमेरिका ईरान को Stone ages में वापस धकेल देगा। अमेरिकी और इजरायली सेना ने पहले ही तेहरान के तीन हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण गैस क्षेत्रों पर हमले किए हैं।

इजरायल के भीषण हमले

इस तनाव के बीच इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र में एक प्रमुख पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया है, जो ईरान के राजस्व का बड़ा स्रोत है। इसके अलावा, इजरायली हमलों में रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी सहित कई वरिष्ठ कमांडर मारे गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान में 1,900 से अधिक और लेबनान में 1,400 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

दुनिया पर आर्थिक संकट का साया

होर्मुज पर ईरान की पकड़ के कारण वैश्विक तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 109 डॉलर तक पहुंच गई हैं। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री अली अकबर विलायती ने चेतावनी दी है कि यदि ट्रंप ने पावर प्लांटों पर हमला किया, तो पूरा क्षेत्र 'अंधेरे' में डूब जाएगा।

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