अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
Donald Trump Second Term Anniversary: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दुनिया को झकझोर दिया है। इस संबोधन में उन्होंने नाटो से लेकर ग्रीनलैंड और पनामा नहर तक के मुद्दों पर अपनी सख्त और स्पष्ट राय साझा की। डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की वर्षगांठ के इस मौके पर उनके बयानों ने वैश्विक स्तर पर एक नई बहस और टेंशन पैदा कर दी है। ट्रंप की इन बातों से अब दुनिया भर के मित्र और शत्रु देश अपनी भविष्य की रणनीतियों को लेकर असमंजस में हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के संदर्भ में एक बहुत ही कड़ा और चुनौतीपूर्ण बयान देते हुए कहा कि उन्होंने इस संगठन के लिए किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से ज्यादा काम किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अमेरिका भविष्य में नाटो की मदद करता है, तो क्या नाटो के सदस्य देश भी बदले में अमेरिका की सहायता करेंगे। उनका मानना है कि अमेरिका के बिना नाटो की ताकत बहुत कम हो जाती है और इसके अस्तित्व पर संकट मंडरा सकता है।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे विवाद पर बात करते हुए ट्रंप ने दोनों देशों की सैन्य तैयारियों और उनके बीच की असमंजस की स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब रूस युद्ध के लिए तैयार होता है तब यूक्रेन नहीं होता और जब यूक्रेन तैयार होता है तब रूस की स्थिति वैसी नहीं रहती। ट्रंप के अनुसार दोनों पक्षों के बीच इस तरह की तालमेल की कमी ही शांति की दिशा में प्रगति के रास्ते में एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
ग्रीनलैंड को खरीदने के सवाल पर ट्रंप ने रहस्यमयी अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि आने वाले समय में दुनिया को उनकी योजना के बारे में सब पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले केवल स्वामित्व की चर्चा होती थी लेकिन अब इसे बेचने की बात हो रही है जिसका वे पुरजोर विरोध करते हैं। पनामा नहर को वापस लेने के सवाल पर भी उन्होंने साफ मना न करते हुए इसे भविष्य की संभावनाओं के लिए कुछ हद तक खुला रखा है।
ईरान के मुद्दे पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने एक घटना का जिक्र किया जहां 837 लोगों को फांसी दी जानी थी जिसे अमेरिका की चेतावनी के बाद टाल दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि यह फांसी का मुद्दा अभी टेबल से हटा दिया गया है, लेकिन भविष्य में सैन्य विकल्प को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान ने मध्य पूर्व के क्षेत्रों में पहले से चल रहे तनाव को एक बार फिर नई हवा दे दी है जो दुनिया की चिंता बढ़ा रहा है।
यूरोपीय देशों के प्रमुख नेताओं जैसे इमैन्युएल मैक्रों और कीर स्टारमर के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों पर ट्रंप ने काफी दिलचस्प खुलासे किए। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उनके साथ इन नेताओं का व्यवहार बहुत अच्छा और मधुर रहता है, भले ही पीठ पीछे वे थोड़े कठोर हो जाते हों। ट्रंप ने यह भी कहा कि नॉर्वे के प्रति उनका सम्मान कम हो गया है क्योंकि उन्हें लगता है कि वहां की सरकार नोबेल पुरस्कार को नियंत्रित करती है।
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ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा होने पर दुनिया के तमाम देश अब अमेरिका की विदेश नीति को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित और सावधान हो गए हैं। उनके फैसलों ने न केवल अमेरिका के दुश्मनों को बल्कि उसके करीबी सहयोगियों को भी एक अनिश्चित भविष्य की ओर धकेल दिया है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए संदेशों से साफ है कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में बहुत बड़े और अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
Ans: ट्रंप ने पूछा कि अमेरिका तो नाटो की मदद करेगा, लेकिन क्या नाटो के सदस्य देश बदले में अमेरिका की मदद करेंगे।
Ans: ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर उनकी क्या तैयारी है यह दुनिया को जल्द पता चल जाएगा, फिलहाल वे इसे बेचने की बात का विरोध कर रहे हैं।
Ans: ट्रंप के अनुसार अमेरिका की चेतावनी के बाद ईरान ने फिलहाल इन फांसी की सजाओं को टाल दिया है, लेकिन सैन्य विकल्प अभी भी खुला है।
Ans: ट्रंप का दृढ़ विश्वास है कि नॉर्वे नोबेल पुरस्कार को नियंत्रित करता है और इसी वजह से उन्होंने नॉर्वे के लिए सम्मान खो दिया है।
Ans: रिपोर्टर के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि वह इसके बारे में स्पष्ट नहीं बताएंगे, लेकिन यह विचार कुछ हद तक अभी भी टेबल पर है।