पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump Iran Crisis Statement: पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने मजबूत संबंधों का हवाला देते हुए कहा है कि वे दोनों मिलकर किसी भी बड़ी समस्या का हल निकाल सकते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव ने पूरी दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर चर्चा हुई थी। इस बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर सकारात्मक चर्चा की गई। भारत में अमेरिकी दूतावास द्वारा साझा किए गए संदेश में ट्रंप ने कहा ने कि भारत और अमेरिका के संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। पीएम मोदी और मैं ऐसे दो व्यक्ति हैं जो किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम हैं। इसके लिए ज्यादा शब्दों की आवश्यकता नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि भारत का रुख हमेशा से शांति और स्थिरता के पक्ष में रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया के लिए युद्ध का जल्द से जल्द रुकना बेहद जरूरी है। भारत ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए हर संभव सहयोग देने की बात कही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के लिए पीएम मोदी के साथ लगातार संपर्क में रहने की इच्छा जताई है।
युद्ध के मोर्चे पर डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान को Strait of Hormuz खोलने के लिए दी गई समयसीमा को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि फिलहाल ईरानी ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी को रोक दिया गया है। हालांकि, कूटनीतिक बातचीत में अब भी गतिरोध बना हुआ है।
इस बीच, क्षेत्र में सैन्य सक्रियता कम नहीं हुई है। हजारों अमेरिकी सैनिक खाड़ी के करीब पहुंच गए हैं जबकि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए और अधिक सैनिक तैनात कर दिए हैं।
जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान मुख्य रूप से ईरान युद्ध के कारण पैदा होने वाले वैश्विक ऊर्जा संकट की ओर इशारा करता है। ईरान ने महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग ‘Strait of Hormuz’ पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है जिससे कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा है। ऐसे में अमेरिका चाहता है कि भारत जैसी उभरती वैश्विक शक्ति के साथ मिलकर इस संकट का प्रबंधन किया जाए।
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मौजूदा स्थिति यह है कि इजरायल में लगातार मिसाइल हमलों के सायरन बज रहे हैं और खाड़ी देशों को मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के प्रयास करने पड़ रहे हैं। ईरान की राजधानी सहित अन्य शहरों में भी हमले हुए हैं जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है।