इजरायल के निशाने पर पाकिस्तान! तेहरान में दूतावास के पास गिरा बम, शहबाज सरकार ने दी जवाबी हमले की धमकी

Israel-Iran War: तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास के ठीक सामने इजरायल ने बमबारी की है। हालांकि दूतावास कर्मी सुरक्षित हैं, लेकिन इस हमले ने मध्य पूर्व में कूटनीतिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Missile Attack Pakistan Embassy in Tehran
तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास के पास गिरा बम (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Missile Attack Pakistan Embassy in Tehran: तेहरान में पाकिस्तान के दूतावास के सामने शुक्रवार को इजरायल ने बमबारी की, जो मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच एक गंभीर घटना बन गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान युद्धविराम की कोशिशें कर रहे हैं। गुरुवार रात करीब 8 बजे तेहरान के पासदारन जिले में धमाके हुए, जो पाकिस्तान के दूतावास और राजदूत के आवास के बेहद करीब थे।

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, दूतावास के ठीक सामने स्थित एक ईरानी सैन्य अड्डा शायद असली निशाना था। पाकिस्तान के जियो न्यूज ने एक सीनियर डिप्लोमेट के हवाले से बताया कि धमाके हुए, लेकिन दूतावास और कर्मचारियों का आवास सुरक्षित हैं। हालांकि, जोरदार धमाकों के कारण राजनयिक कर्मचारी भयभीत थे।

धमाके से डरे पाकिस्तानी राजदूत

उन्होंने कहा कि “जोरदार धमाके हुए लेकिन हमारी खिड़कियां नहीं टूटीं। स्थिति अस्थिर है और कर्मचारियों में अभी भी चिंता है।” राजदूत मुदस्सिर टीपू और लगभग 20 से 50 कर्मचारी इस समय दूतावास में मौजूद थे। पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि सभी कर्मी सुरक्षित हैं और उनकी निगरानी की जा रही है। अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दूतावास के पास ईरानी सैन्य अड्डा स्थित है और संभवत: इजरायल ने उसे ही निशाना बनाया। इस हमले के बाद पाकिस्तान ने कड़ा बयान जारी किया कि यदि उसके राजनयिकों को कोई नुकसान पहुंचा, तो वह इजरायल को करारा जवाब देगा। हालांकि, तेहरान सरकार ने अभी तक हमले में निशाना बनाए गए सटीक स्थान के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।

राजनयिकों दी जाती है सुरक्षा

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत राजनयिक मिशनों को विशेष सुरक्षा प्रदान की जाती है, और किसी भी विदेशी मिशन के पास बमबारी अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जाता है। ऐसे हमले देशों के बीच विवाद और संवैधानिक जांच का कारण बन सकते हैं। तेहरान में यह हमला मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष को और गंभीर बना देता है।

यह घटना दिखाती है कि युद्ध का असर सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनयिक मिशनों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ा है। पाकिस्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी नजर अपने कर्मचारियों की सुरक्षा पर बनी हुई है, और किसी भी नुकसान के मामले में वह कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है।

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