ट्रंप की धमकियों के बीच लाइव टीवी पर रोने लगीं ग्रीनलैंड की मंत्री, अमेरिका की 'कब्जे' वाली जिद बरकरार

Vivian Motzfeldt Crying: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को हासिल करने की धमकियों और दबाव के कारण ग्रीनलैंड की मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड्ट लाइव टीवी पर भावुक हो गईं।
Amidst Donald Trump's threats, a Greenlandic minister broke down in tears on live television, as the US persists with its "acquisition" demands.
विवियन मोट्ज़फेल्ड्ट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Donald Trump Greenland Plan News In Hindi: दुनिया भर में उस वक्त खलबली मच गई जब ग्रीनलैंड की वित्त मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड्ट एक टीवी इंटरव्यू के दौरान अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सकीं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ दिनों से उनका देश और सरकार अभूतपूर्व दबाव का सामना कर रही है।

मोट्जफेल्ड्ट ने भावुक होते हुए कहा कि मैं आमतौर पर ये शब्द कहना पसंद नहीं करती लेकिन हम बहुत मजबूत हैं और अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ दिन हमारे देश के लिए स्वाभाविक रूप से बहुत कठिन रहे हैं।

ट्रंप की 'राष्ट्रीय सुरक्षा' वाली जिद

व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने के अपने इरादे से पीछे हटने वाले नहीं हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी है और वे ग्रीनलैंड को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के सर्वोत्तम हित में मानते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप इस द्वीप को हासिल करने के लिए बेहद उत्सुक और प्रबल हैं।

बेनतीजा रही वाशिंगटन की बैठक

तनाव को कम करने के लिए हाल ही में वाशिंगटन में अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई थी। इस बैठक में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल थे। हालांकि, डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने पुष्टि की कि यह चर्चा किसी ठोस नतीजे के बिना समाप्त हो गई। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच 'एक मौलिक असहमति' बनी हुई है और वे अमेरिका के रुख को बदलने में सफल नहीं रहे हैं।

NATO और अंतरराष्ट्रीय चिंताएं

ट्रंप की इन धमकियों ने न केवल ग्रीनलैंड और डेनमार्क बल्कि नाटो के अन्य देशों को भी सतर्क कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप के कड़े रुख के बाद यूरोपीय देश ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए अपनी सेना भेजने पर विचार कर रहे हैं जिससे नाटो के भीतर ही टकराव की स्थिति पैदा होने का अंदेशा है। ग्रीनलैंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे लेकिन अमेरिका के निरंतर दबाव ने क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल दिया है।

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