राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान जंग में NATO की 'चुप्पी' पर भड़के ट्रंप, बोले- 'अमेरिका को तुम्हारी जरूरत नहीं, इस समय को कभी भूलना मत

Donald Trump On NATO: ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो देशों को 'गद्दार' और 'कागजी शेर' बताया है। होर्मुज संकट में मदद न मिलने पर ट्रंप ने दी खुली धमकी, कहा- 'कभी मत भूलना'।

अमन उपाध्याय

Iran War Latest News: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच वैश्विक राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पारंपरिक सहयोगियों यानी उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के देशों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब अमेरिका को 'पागल ईरान राष्ट्र' के खिलाफ सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी तब नाटो देशों ने पीठ दिखा दी।

'कभी मत भूलना यह समय

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कड़ा संदेश जारी करते हुए नाटो देशों को चेतावनी दी है कि वे इस महत्वपूर्ण समय को 'कभी मत भूलना। उन्होंने कहा कि ईरान जैसे कट्टर दुश्मन के खिलाफ जिसे अब अमेरिकी सैन्य शक्ति द्वारा पूरी तरह से कुचल दिया गया है इसमें नाटो देशों ने कोई सहायता प्रदान नहीं की। ट्रंप का यह बयान महज एक शिकायत नहीं बल्कि भविष्य के लिए एक सीधी धमकी माना जा रहा है। उन्होंने साफ कर दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को अब नाटो से कुछ भी नहीं चाहिए और अमेरिका अपने दम पर शत्रुओं को धूल चटाने में सक्षम है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाटो का 'धोखा'

इस कड़वाहट की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने का मुद्दा रही है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग को ईरानी नियंत्रण से मुक्त कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नाटो देशों से अपनी सेना भेजने की औपचारिक अपील की थी। ट्रंप को उम्मीद थी कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए नाटो देश आगे आएंगे लेकिन किसी भी सदस्य देश ने अपनी सेना भेजने की हिम्मत नहीं दिखाई।

'कागजी शेर' और 'गद्दार' हैं सहयोगी देश

नाटो की इस निष्क्रियता से राष्ट्रपति ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उन्होंने नाटो देशों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उन्हें 'कागजी शेर' और 'डरपोक' तक कह डाला है। इतना ही नहीं, ट्रंप ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इन देशों को 'गद्दार' की संज्ञा दी है और कहा है कि संकट के समय उनके इस व्यवहार को हमेशा याद रखा जाएगा।

सैन्य रूप से कुचल दिया गया है ईरान

अपने बयान में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान राष्ट्र को सैन्य रूप से पूरी तरह कुचल दिया गया है। उन्होंने नाटो को नीचा दिखाते हुए कहा कि जिस काम के लिए अमेरिका ने उनसे मदद मांगी थी वह काम अमेरिका ने अकेले ही अंजाम दे दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप का यह रुख न केवल नाटो की प्रासंगिकता पर सवाल उठाता है बल्कि आने वाले समय में ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में एक बड़ी दरार पैदा कर सकता है। 26 मार्च, 2026 को दिए गए इस बयान ने अब पूरी दुनिया का ध्यान इस ओर खींच लिया है कि क्या अमेरिका भविष्य में नाटो जैसे संगठनों से पूरी तरह किनारा कर लेगा।

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