ट्रंप का ‘फाइनल ब्लो’ प्लान, ईरान के तेल पर कब्जे से लेकर परमाणु ठिकानों पर हमले तक; क्या है US की तैयारी?

US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम वार्ता विफल होने की स्थिति में ट्रंप ने 'फाइनल ब्लो' प्लान तैयार किया है। इसमें खार्ग द्वीप पर कब्जे और परमाणु ठिकानों पर बड़े हमलों की रणनीति शामिल है।
Trump’s ‘Final Blow’ Plan: From Seizing Iran’s Oil to Striking Nuclear Sites—What Are the US Preparations?
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Kharg Island Seizure US Plan: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है जहां से वापसी का रास्ता केवल कूटनीति या फिर भीषण युद्ध की ओर जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि ईरान के साथ युद्धविराम को लेकर चल रही अमेरिकी बातचीत सफल नहीं होती है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'फाइनल ब्लो' नाम से एक आक्रामक सैन्य विकल्प तैयार कर लिया है। यह प्लान न केवल ईरान की सैन्य शक्ति को चुनौती देता है बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले तेल निर्यात तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करने की क्षमता रखता है।

क्या है ट्रंप का 'फाइनल ब्लो' विकल्प?

ट्रंप प्रशासन द्वारा विचाराधीन इस 'फाइनल ब्लो' रणनीति का मुख्य उद्देश्य ईरान पर निर्णायक दबाव बनाना और उसे सामरिक रूप से झुकाने के लिए मजबूर करना है। इस सैन्य योजना के तहत Strait of Hormuz को पूरी तरह खुलवाने और ईरान की तेल आय पर प्रहार करने के लिए कई कड़े विकल्पों को शामिल किया गया है।

अमेरिका के निशाने पर रणनीतिक केंद्र

इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ईरान के खार्ग द्वीप  पर कब्जा या उसकी पूर्ण नाकाबंदी करना है। गौरतलब है कि ईरान का लगभग 90% तेल निर्यात इसी द्वीप से होता है। अमेरिका की योजना यहां मरीन कमांडोज और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिकों के जरिए सैन्य अभियान चलाकर इसे अपने नियंत्रण में लेने की है जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को अपूरणीय क्षति होगी। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित लारक द्वीप पर भी आक्रमण की योजना है जो ईरान की नौसैनिक गतिविधियों और तेल निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है।

अबू मुसा द्वीप और तेल टैंकरों की जब्ती

रणनीतिक लाभ हासिल करने के लिए अमेरिका अबू मुसा और उसके आसपास के द्वीपों पर भी नियंत्रण कर सकता है जो जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर स्थित हैं। इसके साथ ही, Open for all or closed for all की नीति अपनाते हुए क्षेत्र में ईरानी तेल टैंकरों को रोकने या जब्त करने के लिए नौसैनिक क्वारंटाइन लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।

परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले और ग्राउंड ऑपरेशन

इस योजना का सबसे घातक हिस्सा ईरान की परमाणु सुविधाओं, पावर प्लांट्स और मिसाइल उत्पादन केंद्रों पर भारी बमबारी करना है। ट्रंप प्रशासन ईरान के अंदर विशेष बलों के माध्यम से एक जमीनी अभियान चलाने पर भी विचार कर रहा है जिसका उद्देश्य ईरान द्वारा संवर्धित यूरेनियम को जब्त करना है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे बड़े पैमाने पर 'बूट्स ऑन द ग्राउंड' (जमीनी सेना) तैनात नहीं करना चाहते लेकिन उन्होंने यह भी दोहराया है कि ईरान को रोकने के लिए सभी सैन्य विकल्प खुले हैं।

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