वेनेजुएला के बाद 5 और देशों पर ट्रंप की नजर (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Attack on Venezuela: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर आक्रामक तेवरों में दिखाई दे रहे हैं। हालिया बयानों और कार्रवाइयों से संकेत मिलते हैं कि अमेरिका की विदेश नीति पहले से अधिक सख्त होती जा रही है। वेनेजुएला से शुरू हुई कार्रवाई का दायरा अब कोलंबिया, मैक्सिको, क्यूबा, ईरान और ग्रीनलैंड तक फैलता नजर आ रहा है। ट्रंप ने इन देशों को अलग-अलग कारणों से चेतावनी दी है और कुछ मामलों में सैन्य विकल्प का संकेत भी दिया है।
अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़कर अपने देश ले जाकर कानूनी कार्रवाई शुरू करने का दावा किया है। इस कार्रवाई की दुनिया भर में आलोचना हो रही है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज “सही कदम” नहीं उठातीं, तो देश को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने दोबारा सैन्य कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया।
हाल ही में एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया को बीमार देश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोलंबिया में नेतृत्व ड्रग तस्करी को बढ़ावा दे रहा है, खासकर कोकीन के उत्पादन और अमेरिका में उसकी आपूर्ति को लेकर। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिकी सेना कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को निशाना बना सकती है, तो ट्रंप का जवाब था “यह सुनने में ठीक लगता है।” इस बयान ने क्षेत्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
मैक्सिको को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अपने पड़ोसी देश के साथ “कुछ करना होगा।” उन्होंने मैक्सिको पर ड्रग तस्करी और अवैध प्रवासियों को अमेरिका भेजने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि वे कई बार मैक्सिको को अमेरिकी सेना की मदद की पेशकश कर चुके हैं, लेकिन वहां की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम इस प्रस्ताव को लेकर आशंकित हैं। ट्रंप के मुताबिक, मैक्सिको को अपनी नीतियों में सुधार करना होगा।
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वेनेजुएला के बाद ट्रंप ने क्यूबा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि क्यूबा गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और वहां सरकार अपने आप गिर सकती है। ट्रंप के अनुसार, क्यूबा की आय का बड़ा हिस्सा वेनेजुएला के तेल पर निर्भर है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान क्यूबा के सुरक्षा अधिकारी मारे गए थे, जो मादुरो की सुरक्षा में तैनात थे।
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर ट्रंप ने कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करती है, तो अमेरिका “जोरदार जवाब” देगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
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ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को अमेरिका के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बताया। उनका कहना है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती मौजूदगी के कारण ग्रीनलैंड रणनीतिक रूप से अहम है। हालांकि ग्रीनलैंड को 1979 से व्यापक स्वशासन प्राप्त है, लेकिन रक्षा और विदेश नीति डेनमार्क के नियंत्रण में है। ट्रंप का दावा है कि यूरोप भी इस विचार का समर्थन करता है।