
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (सोर्स- सोशल मीडिया)
Nicolas Maduro US Court: वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो सोमवार को मैनहैटन फेडरल कोर्ट में पेश किया जाएगा। जहां उनके खिलाफ ड्रग तस्करी के आरोप तय किए जाएंगे। अमेरिका ने मादुरो पर गंभीर आरोप लगाए हैं और यह उनकी पहली अदालत में पेशी होगी। अमेरिका ने शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी कराकास में गुप्त ऑपरेशन चलाकर मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ले आए। इससे लेकर पूरी दुनिया में कोहराम मचा हुआ है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मादुरो का मामला पनामा के पूर्व शासक नोरिएगा के मामले से मिलता-जुलता है। नोरिएगा को भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया गया था और अमेरिका में मुकदमे का सामना करना पड़ा था। मादुरो की कानूनी टीम ने इस मुद्दे पर पहले ही बयान दिया है, जिसमें उनका कहना है कि वह एक संप्रभु राष्ट्राध्यक्ष हैं, और इसलिए उन्हें अभियोजन से इम्युनिटी मिलनी चाहिए। यह अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून का बुनियादी सिद्धांत माना जाता है।
हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह तर्क अदालत में टिकने की संभावना कम है। नोरिएगा के मामले में यह कानूनी सवाल पहले ही सुलझ चुका था, और ऐसे में मादुरो के मामले में भी यह संभावना जताई जा रही है कि अमेरिकी अदालतें इस तर्क को स्वीकार नहीं करेंगी। इसके अलावा, अमेरिका मादुरो को वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति नहीं मानता, जैसा कि उसने नोरिएगा को भी वैध नेता के रूप में मान्यता नहीं दी थी। हालांकि अभी मादुरो की सजा को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता।
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही वेनेजुएला में मादुरो के खिलाफ संवैधानिक सवाल उठ सकते हैं, लेकिन अमेरिकी अदालतों के लिए यह महत्वपूर्ण नहीं है। अमेरिका मादुरो को वैध राष्ट्रपति नहीं मानता, और इसी आधार पर अदालत उनकी गिरफ्तारी और अभियोजन को वैध मान सकती है।
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निकोलस मादुरो की कानूनी टीम अब यह दिखाने की कोशिश करेगी कि उनकी गिरफ्तारी और मुकदमा अवैध है, लेकिन अमेरिकी न्याय व्यवस्था के लिए यह मुद्दा केवल यह होगा कि मादुरो को एक संप्रभु राष्ट्राध्यक्ष के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। सोमवार की पेशी के बाद यह साफ हो जाएगा कि मादुरो की कानूनी टीम किस रणनीति के साथ आगे बढ़ती है, और अमेरिकी अदालत इस हाई-प्रोफाइल मामले को किस दिशा में ले जाती है।






