लेबनान पर इजरायल का बड़ा हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Lebanon Strike: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष एक बार फिर खूनी मोड़ ले चुका है। शुक्रवार को इजरायली वायुसेना ने लेबनान के पूर्वी हिस्से में स्थित बेका वैली में भीषण हवाई हमले किए। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है और 24 अन्य घायल हुए हैं। चिंता की बात यह है कि हताहतों में तीन बच्चे भी शामिल हैं जो इस हिंसा की चपेट में आ गए।
इन हमलों में इजरायल को एक बड़ी सफलता मिली है। दो सुरक्षा सूत्रों ने पुष्टि की है कि हिजबुल्लाह के वरिष्ठ नेता हुसैन याघी इस हमले में मारे गए हैं। याघी पूर्व हिजबुल्लाह सांसद मोहम्मद याघी के बेटे थे। हिजबुल्लाह मीडिया के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाना तय हुआ है।
इजरायली सेना का दावा है कि उन्होंने बेका घाटी में उग्रवादी समूह हिजबुल्लाह के कमांड सेंटरों को निशाना बनाया है। घटनास्थल से आए फुटेज में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग को बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाया गया है, जहां आपातकालीन कर्मचारी आग बुझाने और मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश में जुटे हैं।
बेका घाटी के अलावा, इजरायल ने बंदरगाह शहर सिडोन में स्थित ऐन अल-हिलवे फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर को भी निशाना बनाया। इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है। इजरायल ने इसे ‘हमास कमांड सेंटर‘ बताया, लेकिन हमास ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे एक कमजोर बहाना करार दिया है। हमास के अनुसार, जिस इमारत को निशाना बनाया गया है वह शिविर की सुरक्षा बनाए रखने के लिए विभिन्न फिलिस्तीनी गुटों द्वारा गठित एक संयुक्त सुरक्षा बल की थी।
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद से हिजबुल्लाह ने हमास के समर्थन में इजरायल पर रॉकेट दागने शुरू किए थे। इसके बाद सितंबर 2024 में यह संघर्ष पूर्ण पैमाने पर युद्ध में बदल गया था जिसे नवंबर 2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए एक युद्धविराम के जरिए रोका गया था। हालांकि, इजरायल का आरोप है कि हिजबुल्लाह युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन कर अपनी ताकत दोबारा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, इस युद्धविराम के बाद से अब तक इजरायली हमलों में कम से कम 127 नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं।
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लेबनान में हुआ यह ताजा हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत विफल होने की स्थिति में हमले की धमकी दी है। लेबनान के लोगों में डर है कि यदि ईरान और इजरायल के बीच फिर से पूर्ण युद्ध शुरू होता है तो उनका देश एक बार फिर इस विनाशकारी संघर्ष की चपेट में आ जाएगा। इजरायल ने पहले ही चेतावनी दी है कि वह लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने हमलों को और तेज कर सकता है।