चीन का VT-4 टैंक निकला 'कबाड़' थाईलैंड-कंबोडिया जंग में खुली पोल (सोर्स-सोशल मीडिया)
China VT-4 Tank Technical Issues Pakistan: कंबोडिया और थाईलैंड के बीच जारी सैन्य संघर्ष में चीन के सबसे आधुनिक माने जाने वाले VT-4 मुख्य युद्धक टैंक की विश्वसनीयता पर बड़े सवालिया निशान लग गए हैं। थाईलैंड की सेना ने आधिकारिक तौर पर इन टैंकों के प्रदर्शन की आलोचना करते हुए इन्हें युद्ध के मैदान में असुरक्षित और तकनीकी खामियों से भरा हुआ बताया है।
इस खुलासे के बाद दक्षिण एशियाई देशों विशेषकर पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है क्योंकि पाकिस्तानी सेना भी अपनी बख्तरबंद शक्ति के लिए इसी चीनी टैंक पर निर्भर है। वेनेजुएला में चीनी राडार सिस्टम की विफलता के बाद अब टैंकों का यह हाल चीनी हथियारों के वैश्विक बाजार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
थाईलैंड के टैंक चालक दल ने खुलासा किया है कि कंबोडिया के साथ लड़ाई के दौरान VT-4 टैंक के इंजन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बार-बार फेल हो रहे हैं। लगातार फायरिंग करने पर टैंक की मुख्य गन के बैरल की मजबूती खत्म हो जाती है जिससे सटीक निशाना लगाना नामुमकिन हो जाता है। इन मशीनी खामियों के कारण थाई सेना को ऑपरेशनल तैनाती के दौरान भारी जटिलताओं और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
सैनिकों ने शिकायत की है कि आधुनिक एंटी-टैंक मिसाइलों के सामने इस चीनी टैंक का सुरक्षा कवच बहुत कमजोर साबित हो रहा है और इसकी गतिशीलता भी उम्मीद से कम है। टैंक के बुर्ज (Turret) के घूमने की रफ्तार इतनी धीमी है कि दुश्मन के हमले का तेजी से जवाब देना लगभग असंभव हो जाता है। इन गंभीर डिजाइन त्रुटियों के कारण कंबोडियाई सेना ने अब तक थाईलैंड के कई VT-4 टैंकों को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर तबाह कर दिया है।
चीनी हथियारों के धोखे के बाद थाईलैंड के सैन्य अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से पुराने अमेरिकी पैटन टैंकों और यूक्रेन निर्मित T-84BM ऑपलॉट टैंकों का उपयोग बढ़ा दिया है। चीनी सरकारी कंपनी ‘नोरिन्को’ द्वारा निर्मित इन वाहनों को थाईलैंड का सबसे आधुनिक हथियार माना जाता था लेकिन अब इन्हें हटाना मजबूरी बन गई है। युद्ध के कड़वे अनुभवों ने यह साबित कर दिया है कि चीनी तकनीक आधुनिक युद्ध की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है।
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चीनी टैंकों की इस नाकामी ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है जिसने हाल के वर्षों में भारत से मुकाबले के लिए बड़ी संख्या में VT-4 टैंकों को सेना में शामिल किया है। नाइजीरिया जैसे अन्य खरीदार देश भी अब चीन के दावों पर संदेह कर रहे हैं क्योंकि वेनेजुएला में मादुरो की गिरफ्तारी के समय चीनी राडार भी फेल रहे थे। अगर भविष्य में युद्ध होता है तो पाकिस्तान को अपने सैन्य साजो-सामान की विश्वसनीयता को लेकर भारी संकट का सामना करना पड़ सकता है।