China Taiwan Conflict: चीनी लड़ाकू विमानों और जहाजों ने लगातार दूसरे दिन की ताइवान में घुसपैठ
China Taiwan Conflict: चीन के लड़ाकू विमानों और जहाजों ने लगातार दूसरे दिन ताइवान की सीमा में घुसपैठ की। सैन्य तनाव के बीच ताइवान ने चीन पर राजनीतिक हेराफेरी और अंतरराष्ट्रीय दमन का आरोप लगाया है।
- Written By: प्रिया सिंह
चीनी लड़ाकू विमानों और जहाजों ने लगातार दूसरे दिन की ताइवान में घुसपैठ (सोर्स-सोशल मीडिया)
Chinese Military Border Intrusion: चीन और ताइवान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर से गहरा गया है क्योंकि चीनी सेना ने लगातार दूसरे दिन ताइवान की सीमाओं का उल्लंघन किया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इस घुसपैठ की पुष्टि करते हुए अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है।
चीन की यह रणनीति ताइवान पर मनोवैज्ञानिक और सैन्य दबाव बनाने की कोशिश मानी जा रही है। इस घटनाक्रम ने पूरे अंतरराष्ट्रीय जगत का ध्यान एक बार फिर से इस संवेदनशील क्षेत्र की ओर खींच लिया है।
जासूसी गुब्बारे और लड़ाकू विमानों की हलचल
ताइवान सीमा पर चीनी सेना की बड़ी हलचल ताइवान के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के विमानों और नौसेना के छह जहाजों ने ताइवान के आसपास के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इस बार केवल लड़ाकू विमान ही नहीं बल्कि चीन के दो जासूसी गुब्बारे भी ताइवान की सीमा के भीतर देखे गए हैं।
ताइवान की सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि चीन के विमानों ने मध्य रेखा को पार किया और उत्तरी एवं दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में प्रवेश किया। यह घुसपैठ पिछले कई दिनों से जारी है जिससे युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।
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राजनीतिक आरोप और ‘प्रोपगेंडा’ वार
राजनीतिक आरोप और अंतरराष्ट्रीय दबाव इस सैन्य गतिविधि के बीच ताइवान के मेन लैंड अफेयर्स काउंसिल ने चीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ताइवान का कहना है कि चीन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसे दबाने और राजनीतिक हेराफेरी करने के लिए ऐसी हरकते कर रहा है।
हाल ही में चीन की एक एजेंसी ने दावा किया था कि ताइवानी नागरिक तस्करी में शामिल हैं और उन्होंने समुद्र के नीचे की केबलों को नुकसान पहुंचाया है। ताइवान इन आरोपों को निराधार बता रहा है और इसे चीन की तरफ से एक सोची-समझी साजिश करार दे रहा है ताकि सैन्य घुसपैठ को सही ठहराया जा सके।
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अंडर-सी केबल्स विवाद और कानूनी टकराव
समुद्र के नीचे केबलों को नुकसान और कानूनी कार्रवाई समुद्र के नीचे मौजूद संचार केबलों को नुकसान पहुँचाने का मुद्दा दोनों देशों के बीच विवाद की एक और बड़ी वजह बन गया है। इसी साल जून में ताइवान की एक अदालत ने एक चीनी कप्तान को तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी क्योंकि उसने जानबूझकर इन केबलों को काटा था।
चीन ने हालांकि हमेशा की तरह इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। वर्तमान में ताइवान की सेना लगातार चीनी गतिविधियों पर नजर रख रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
