

China India Relation: चीन और जापान के बीच ताइवान को लेकर तनाव चरम पर है। जापान की नई पीएम के ताइवान को लेकर दिए बयान के बाद से चीन उनके खिलाफ मोर्चा खोले है। जापान को पछाड़कर भारत के दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बनने के बाद चीन को फिर से मौका मिला है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के पूर्व संपादक और जहरीली बयानबाजी करने वाले हू शिजिन ने भारत को तंज कसते हुए बधाई दी, वहीं जापान पर बड़ा हमला बोला है। शिजिन कहा कि जापान सबसे खराब स्थिति में है। शिजिन ने भारत की सफलता को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत को मैं बधाई देता हूं, लेकिन वह चीन से 16 साल पीछे है।
हू शिजिन ने एक्स पर पोस्ट किया, भारत आपको बधाई। चाहे इस साल हो या फिर अगले साल, यह केवल समय की बात है कि भारत की जीडीपी जापान को पीछे छोड़ देगी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। चीन ने साल 2010 में जीडीपी के मामले में जापान को पीछे छोड़ा था, लेकिन उस समय चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था। दूसरे शब्दों में कहें तो हम जापान को बेंचमार्क मानें तो भारत अभी चीन से 15 से 16 साल पीछे है। हम ग्लोबल रैंकिंग पर विचार करें तो यह अंतर और ज्यादा है।
शिजिन ने भारत और जापान के खिलाफ अक्सर जहरीले बयान देने वाले हू कहा कि भारत को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए चीन या फिर अमेरिका को पीछे छोड़ना होगा। इससे पहले भारत को जर्मनी को पीछे छोड़ना ही होगा। उन्होंने कहा, इस समय जापान सबसे खराब स्थिति में है। पिछले 15 या 16 साल में जापान दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से गिरकर दुनिया में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। चीनी एक्सपर्ट ने कहा कि कुछ साल में जापान यासूकुनी श्राइन और दक्षिणपंथी राजनीति में उलझा है। जापानी उद्योग के बारे में खबर सुनना बहुत दुर्लभ है।
शिजिन के पोस्ट पर लोगों ने उन्हें करारा जवाब दिया है। मिस्टर लिओन ने लिखा, चीन कुछ साल में अगला जापान बन जाएगा, जहां जनसंख्या में कमी की वजह से वर्कफोर्स कम होगी। भारत की बात करें तो वह सबसे युवा देश होगा और वर्कफोर्स भी काफी ज्यादा होगा। बता दें, भारत 4180 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 2030 तक जर्मनी को पीछे करके तीसरे स्थान पर पहुंचने की स्थिति में है। भारत लगातार मजबूत वृद्धि आंकड़ों के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था भी बना है।
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि 8.2% रही। यह आंकड़ा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 7.8 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के 7.4% से अधिक है। एक सरकारी बयान के अनुसार, भारत ने 4180 अरब अमेरिकी डॉलर के मूल्यांकन के साथ जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया और अनुमान है कि 2030 तक 7300 अरब अमेरिकी डॉलर की जीडीपी के साथ जर्मनी को तीसरे स्थान से हटाने की स्थिति में है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका है। चीन दूसरे स्थान पर है।