पाकिस्तान के सपोर्ट पर चीन ने चुप्पी तोड़ी, कहा- अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई करेंगे
चीनी सेना ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा गया कि उसका सबसे बड़ा सैन्य मालवाहक विमान पाकिस्तान को हथियार सप्लाई कर रहा है। इतना ही नहीं, चीनी सेना ने ऐसी अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
- Written By: सौरभ शर्मा
चीन के रक्षा मंत्री डोंग जून (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
बीजिंग: भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम के ऐलान के बाद चीन पर सैन्य आपूर्ति को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें तेजी से वायरल हुईं कि चीन का सबसे बड़ा सैन्य मालवाहक विमान पाकिस्तान को हथियार पहुंचा रहा है। इन दावों पर अब चीन ने सख्त प्रतिक्रिया दी है और स्पष्ट किया है कि यह सारी बातें निराधार हैं। साथ ही चेतावनी दी कि जो लोग इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चीन ने इसे दोनों देशों के बीच बने संवेदनशील हालात में भ्रामक जानकारी फैलाने की साजिश बताया।
चीन की सेना ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि उसके वाई-20 विमान ने पाकिस्तान को कोई सैन्य सामान नहीं भेजा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो और संदेशों को उन्होंने मनगढ़ंत बताया और कहा कि इंटरनेट कानून से ऊपर नहीं है। चीन ने ऐसे सभी स्क्रीनशॉट्स को अपनी वेबसाइट पर साझा करते हुए उन्हें साफ-साफ अफवाह बताया है। इस खंडन को उस वक्त अहम माना जा रहा है जब भारत और पाकिस्तान ने ताजा तनाव के बाद संघर्षविराम पर सहमति बनाई है।
भारत के ऊर्जा प्रयासों को मिला वैश्विक मंच से समर्थन
एशिया में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भारत की कोशिशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। एक प्रमुख जलवायु संगठन ने माना है कि भारत न केवल सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि वह एशिया के ऊर्जा बदलाव में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है। यह संदेश भारत के पर्यावरण और ऊर्जा नीतियों के लिए वैश्विक मंचों पर सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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पुतिन की भारत यात्रा को लेकर बनी सहमति
भारत और रूस के रिश्तों को और गहराने की दिशा में एक नई पहल हुई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत दौरे पर आ सकते हैं। इसकी पुष्टि तब हुई जब दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, सुरक्षा सहयोग और हालिया आतंकवादी घटनाओं पर चर्चा हुई। यह दौरा आने वाले समय में दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूती दे सकता है।
