
चीन तैयार कर रहा है दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस सेंटर, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
नवभारत इंटरनेशनल डेस्क: चीन अपनी सैन्य शक्ति को और मजबूत करने के लिए एक अत्याधुनिक डिफेंस सेंटर बना रहा है, जो आकार में अमेरिका के पेंटागन से 10 गुना बड़ा होगा। अमेरिकी अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, यह विशाल रक्षा केंद्र बीजिंग से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किया जा रहा है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस डिफेंस सेंटर का निर्माण चीन की बढ़ती सैन्य महत्वाकांक्षाओं का संकेत देता है और यह अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है।
अमेरिका के साथ युद्ध की स्थिति में यह डिफेंस सेंटर कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में कार्य करेगा। जानकारी के अनुसार, यह सेंटर लगभग 1500 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। एक तस्वीर के जरिए पता चला है कि इस डिफेंस सेंटर में युद्ध के दौरान चीनी सैन्य नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशाल बंकर बनाए जाएंगे।
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अमेरिकी खुफिया एजेंसी का मानना है कि चीन में बनाया जा रहा यह डिफेंस सेंटर दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस सेंटर बनने की ओर अग्रसर है। इसी कारण अमेरिका की खुफिया एजेंसी इसकी लगातार निगरानी कर रही है। सामने आई तस्वीरों के अनुसार, एजेंसी का आकलन है कि इस डिफेंस सेंटर का निर्माण कार्य वर्ष 2024 के मध्य में शुरू हुआ था।
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) 2027 में अपनी शताब्दी से पहले नए और उन्नत हथियार विकसित करने में जुटी हुई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेना को निर्देश दिया है कि वह तब तक इतनी ताकतवर और सक्षम हो जाए कि ताइवान पर हमला करने में सक्षम हो सके।
CIA अधिकारी और चीन मामलों के विशेषज्ञ डेनिस वाइल्डर के अनुसार, यदि इस केंद्र की पुष्टि होती है, तो यह न केवल एक शक्तिशाली वैश्विक इकाई के रूप में उभरेगा, बल्कि इसकी भूमिका परमाणु युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण होगी। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की निगरानी करने वाले राष्ट्रीय खुफिया निदेशक ने चीन के इस प्रोजेक्ट पर कोई बयान नहीं दिया। वहीं, वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि उसे इस विषय में कोई जानकारी नहीं है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय से जुड़े दो सूत्रों के अनुसार, चीनी सेना एक नया कमांड सेंटर स्थापित कर रही है। ताइवान में रणनीतिक और सैन्य अध्ययन से जुड़े थिंक-टैंक काउंसिल के शोधकर्ता सू येन-ची के अनुसार, इस क्षेत्र का आकार किसी सैन्य शिविर या स्कूल के लिए अत्यधिक बड़ा है। इसलिए, इसे एक प्रशासनिक संगठन या बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उपयोग किए जाने की संभावना अधिक है।






