ताइवान का बड़ा आरोप; चीन चला रहा है ‘कॉग्निटिव वॉर’, 45 हजार फर्जी अकाउंट्स से फैलाया दुष्प्रचार
China Taiwan Tension: ताइवान की खुफिया एजेंसी ने चीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन फर्जी वेबसाइट्स, बॉट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स से ताइवान के खिलाफ दुष्प्रचार फैला रहा है।
- Written By: अमन उपाध्याय
ताइवान की खुफिया एजेंसी ने चीन पर गंभीर आरोप लगाए फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Taiwan China Cognitive Warfare: ताइवान की शीर्ष खुफिया एजेंसी ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह सुनियोजित तरीके से डिजिटल दुष्प्रचार अभियान चला रहा है। ताइवान के नेशनल सिक्योरिटी ब्यूरो (NSB) ने वर्ष 2025 में चीन की तथाकथित ‘कॉग्निटिव वॉरफेयर’ रणनीति पर आधारित एक विस्तृत विश्लेषण रिपोर्ट जारी की है।
ताइवान की सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार, रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2025 के दौरान ताइवान की खुफिया एजेंसियों ने 45,000 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स और लगभग 23.14 लाख भ्रामक या झूठी सूचनाओं की पहचान की है। इन अकाउंट्स और सूचनाओं का इस्तेमाल ताइवान के खिलाफ जनमत को प्रभावित करने के लिए किया गया।
चीनी आईटी और मार्केटिंग कंपनियों के जरिए संचालित
एनएसबी का दावा है कि यह पूरा दुष्प्रचार नेटवर्क चीनी आईटी और मार्केटिंग कंपनियों के जरिए संचालित किया जा रहा है। इन कंपनियों ने बड़े पैमाने पर डेटा बेस और ऑटोमेटेड बॉट सिस्टम तैयार किए हैं, जिन्हें चीन के सेंट्रल पब्लिसिटी डिपार्टमेंट और पब्लिक सिक्योरिटी मंत्रालय (MPS) के निर्देशों पर चलाया जा रहा है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, हैक्सुनशे, हाइमाई और हुया जैसी चीनी मार्केटिंग कंपनियों के माध्यम से फर्जी न्यूज वेबसाइट्स तैयार करवाई जाती हैं। शुरुआत में इन वेबसाइट्स पर क्लिकबेट, मनोरंजन और हल्की-फुल्की खबरें डाली जाती हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आकर्षित हों। इसके बाद धीरे-धीरे राजनीतिक कंटेंट पोस्ट कर ताइवान के नागरिकों की सोच को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।
दुष्प्रचार अभियान का मुख्य उद्देश्य
एनएसबी ने कहा कि इस दुष्प्रचार अभियान का मुख्य उद्देश्य ताइवान के भीतर सामाजिक और राजनीतिक मतभेद पैदा करना जनता की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करना ताइवान के सहयोगी देशों की समर्थन देने की इच्छा को प्रभावित करना और चीन के पक्ष में जनसमर्थन तैयार करना है।
इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चीन के सैन्य अभ्यासों के दौरान ताइवान के सरकारी नेटवर्क्स पर साइबर हमलों में भारी वृद्धि दर्ज की गई। सैन्य अभ्यास के पहले दिन करीब 20.8 लाख साइबर हमले हुए जो दूसरे दिन बढ़कर 20.9 लाख तक पहुंच गए।
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ताइवान की खुफिया एजेंसी ने कहा कि वह अन्य सरकारी विभागों के साथ मिलकर फैक्ट-चेकिंग संगठनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ सहयोग बढ़ा रही है, ताकि फर्जी सूचनाओं की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द हटाया जा सके।
