कनाडा का नया इमिग्रेशन Bill C-12 लागू, हजारों भारतीयों पर मंडराया डिपोर्टेशन का भारी खतरा
Bill C-12 Impact: कनाडा में नया इमिग्रेशन कानून Bill C-12 लागू हो गया है जिससे वीज़ा और शरण के नियम बेहद सख्त हो गए हैं। इस बड़े बदलाव से हजारों भारतीयों के डिपोर्टेशन का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
कनाडा में नया इमिग्रेशन कानून Bill C-12 लागू (सोर्स-सोशल मीडिया)
Canada New Immigration Rules Impact: कनाडा में इमिग्रेशन से जुड़ा एक बहुत ही बड़ा और अहम सुधार कानून Bill C-12 अब पूरी तरह से लागू हो गया है। सरकार का दावा है कि कनाडा के नए आव्रजन नियमों का प्रभाव देश की व्यवस्था को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए बहुत जरूरी था। लेकिन मानवाधिकार संगठनों ने इस नए बिल को शरणार्थी अधिकारों पर गंभीर असर डालने वाला एक बेहद सख्त कानून बताया है। इस नए कानून से शरण प्रणाली, वीज़ा प्रोसेसिंग और इमिग्रेशन से जुड़े अन्य सभी प्रशासनिक अधिकारों में बहुत बड़े और व्यापक बदलाव किए गए हैं।
शरण आवेदन पर समय सीमा
नए इमिग्रेशन नियम के तहत अब कोई भी व्यक्ति कनाडा में प्रवेश करने के केवल एक साल के भीतर ही शरणार्थी की अर्जी दाखिल कर सकता है। अगर कोई भी व्यक्ति इस तय समय सीमा के बाद अपना आवेदन करता है तो उसका केस बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह कड़ा नियम उन लोगों के लिए भारी मुश्किल खड़ी करेगा जो किसी कारणवश बहुत देर से अपना आवेदन जमा कर पाते हैं।
भारतीयों पर सीधा असर
कई सालों की कड़ी मेहनत के बाद भी पीआर न मिल पाने पर भारतीय अक्सर आखिरी विकल्प के रूप में रिफ्यूजी के लिए अप्लाई करते थे। लेकिन अब Bill C-12 के लागू होने के बाद उनके लिए शरणार्थी बनना और वहां रुकना बिल्कुल भी मुमकिन नहीं हो सकेगा। हालांकि यह कानून किसी देश को टारगेट नहीं करता लेकिन बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और वर्क परमिट धारक इससे प्रभावित होंगे।
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पुराने मामलों पर भी प्रभाव
इस नए कानून Bill C-12 की सबसे विवादित बात इसका रेट्रोएक्टिव प्रावधान है जिसका मतलब है कि यह नियम पुराने शरण मामलों पर भी लागू होगा। सरकारी अनुमान के अनुसार इससे पहले से पेंडिंग चल रहे लगभग 19,000 आवेदन सीधे तौर पर बहुत बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। इस वजह से उन लोगों में भारी दहशत फैल गई है जिनके मामले कई सालों से वहां की इमिग्रेशन अदालतों में लंबित पड़े हुए हैं।
मास वीज़ा कैंसिलेशन की शक्ति
अब कनाडा सरकार को यह विशेष अधिकार मिल गया है कि वह किसी स्थिति में बड़े पैमाने पर वीज़ा या इमिग्रेशन दस्तावेज आसानी से रद्द कर सके। इसके लिए अब हर केस की अलग से व्यक्तिगत सुनवाई करना सरकार या प्रशासन के लिए बिल्कुल भी जरूरी नहीं होगा। सरकार का कहना है कि यह सख्त कदम केवल राष्ट्रीय हित की स्थिति पैदा होने पर ही बहुत ही सोच-समझकर उठाया जाएगा।
मानवाधिकार संगठनों का विरोध
इस नए कानून Bill C-12 को लेकर कनाडा में मौजूद मानवाधिकार संगठनों, इमिग्रेशन वकीलों और यूनियनों ने अपना बहुत ही कड़ा विरोध जताया है। बिना व्यक्तिगत जांच के फैसले किए जाने और अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन होने की आशंका के चलते इसका लगातार विरोध हो रहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल कनाडा ने भी इस नए कानून को शरणार्थी अधिकारों में एक बहुत ही बड़ा रोलबैक कहकर इसकी सख्त आलोचना की है।
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कनाडा सरकार का स्पष्ट पक्ष
कनाडा सरकार का कहना है कि इमिग्रेशन सिस्टम पर लगातार बढ़ते भारी दबाव को नियंत्रित करना इस समय बहुत ज्यादा जरूरी था। कुछ मामलों में धोखाधड़ी और गलत दावों को पूरी तरह रोकना ही इस नए और सख्त इमिग्रेशन कानून Bill C-12 का असली और मुख्य उद्देश्य है। सरकार ने साफ कहा है कि सभी फैसले कनाडा के संविधान और अंतरराष्ट्रीय नियमों के भीतर रहकर ही पूरी निष्पक्षता से लिए जाएंगे।
