
अयातुल्ला अली खामेनेई और अनीता आनंद (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran G7 sanctions protest update: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की हत्या ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने इस घटना की पुष्टि करते हुए ईरानी शासन द्वारा मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन और हिंसा की कड़ी निंदा की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब प्रदर्शनकारियों पर हो रही बर्बर कार्रवाई को लेकर विश्व शक्तियां एकजुट हो रही हैं। कनाडा और उसके सहयोगी देशों ने मांग की है कि ईरान तत्काल हिंसा रोके और अपने नागरिकों की लोकतांत्रिक आवाजों का सम्मान करे।
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने सोशल मीडिया पर इस दुखद मृत्यु की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी शासन मानव जीवन की खुलेआम अवहेलना कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे लोगों के खिलाफ हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है और इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए। हालांकि सुरक्षा कारणों से फिलहाल मृतक की पहचान और घटना के सटीक स्थान के विवरण को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
औद्योगिक लोकतांत्रिक देशों के समूह G7 ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। इन देशों ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का उल्लंघन नहीं रुका, तो ईरान पर और अधिक कठोर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। G7 मंत्रियों ने प्रदर्शनकारियों की मनमानी गिरफ्तारी और डराने-धमकाने वाली रणनीतियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और हिंसा के उपयोग की निंदा की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्याएं नहीं रुकीं, तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। ट्रंप ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि अमेरिका को हिंसा रोकने के आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। दूसरी ओर ईरान ने आधिकारिक तौर पर किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ तत्काल मौत का वारंट जारी करने की खबरों का खंडन किया है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकवादी’ करार देने की ईरानी रणनीति की कड़ी आलोचना की है। मानवाधिकार संगठनों का अनुमान है कि जारी संघर्ष में अब तक 2,500 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इंटरनेट और संचार माध्यमों पर पाबंदी के कारण वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने जलाया हिंदू शिक्षक का घर…अल्पसंख्यकों पर अत्याचार जारी, देखें खौफनाक VIDEO
ईरानी विदेश मंत्रालय के रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में वहां लगभग 3,054 कनाडाई नागरिक और स्थायी निवासी मौजूद हैं। कनाडा सरकार ने सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अपने सभी नागरिकों से तत्काल ईरान छोड़ने की पुरजोर अपील की है। 2003 में ज़हरा काज़मी की हिरासत में हुई मौत को याद करते हुए कनाडा ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनयिक विकल्प खुले रखे हैं।






