- Hindi News »
- World »
- Rick Woldenberg Toymaker Ceo Trump Tariff Supreme Court Victory News
टॉयमेकर की ऐतिहासिक जीत: कैसे रिक वोल्डनबर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप के टैरिफ को दी मात?
Trump Tariff Ruling: शिकागो के टॉयमेकर रिक वोल्डनबर्ग ने ट्रंप के टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट में अवैध साबित कर बड़ी जीत हासिल की है, जिससे अब अरबों डॉलर के रिफंड की संभावना पैदा हो गई है।
- Written By: प्रिया सिंह

शिकागो के टॉयमेकर रिक वोल्डनबर्ग ने ट्रंप के टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देकर जीत हासिल की (सोर्स-सोशल मीडिया)
Fighting Illegal Trade Tariffs: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीतियों के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोलने वाले रिक वोल्डनबर्ग आज एक वैश्विक नायक बनकर उभरे हैं। शिकागो के पास स्थित ‘लर्निंग रिसोर्सेज’ नामक शैक्षिक खिलौना कंपनी के CEO के रूप में उन्होंने व्यापारिक शुल्कों के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है। उन्होंने यह साहसिक कदम तब उठाया जब अवैध व्यापार शुल्कों से लड़ने की उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंचा दिया। इस जीत ने न केवल उनके पारिवारिक व्यवसाय को नई दिशा दी है बल्कि अमेरिकी व्यापारिक इतिहास में एक बड़ा उदाहरण भी पेश किया है।
पारिवारिक व्यवसाय की रक्षा
रिक वोल्डनबर्ग एक ऐसी टॉय कंपनी के प्रमुख हैं जिसकी स्थापना उनकी मां ने की थी और यह दशकों से बच्चों के लिए शैक्षिक खिलौने बना रही है। जब ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ की घोषणा हुई, तो रिक ने महसूस किया कि ये नीतियां उनके पीढ़ियों पुराने व्यापारिक ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर सकती हैं। उन्होंने तुरंत अनुभवी वकीलों से संपर्क किया और राष्ट्रपति के खिलाफ मुकदमा दायर करने का निर्णय लिया क्योंकि वे अपने व्यवसाय को बचाने के लिए प्रतिबद्ध थे।
छोटे व्यवसायों का संघर्ष
उनका प्रमुख तर्क यह था कि ये टैरिफ विशेष रूप से छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों को बहुत अधिक वित्तीय नुकसान पहुंचा रहे थे। रिक की कंपनी को टैरिफ के कारण अपना नया वेयरहाउस प्रोजेक्ट रद्द करना पड़ा और साथ ही मार्केटिंग बजट में भी भारी कटौती करनी पड़ी थी। उनका मानना था कि बड़ी कंपनियां तो अपनी लॉबिंग के दम पर बच जाती हैं, लेकिन छोटे व्यापारियों के पास अदालत जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं था।
सम्बंधित ख़बरें
ईरान के साथ सीजफायर के बाद DC में बढ़ी हलचल, व्हाइट हाउस घेरने पहुंचे प्रदर्शनकारी, ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी
इस्लामाबाद बनेगा शांति का गवाह! 10 अप्रैल को आमने-सामने होंगे अमेरिका और ईरान, क्या टल जाएगा महायुद्ध?
होर्मुज पर कब्जे से लेकर मुआवजे तक…क्या है Iran की वो 10 शर्तें जिनके सामने झुके ट्रंप! कब तक रहेगी शांति?
आज की ताजा खबर 8 अप्रैल LIVE: अमेरिका-ईरान में 2 हफ्ते के लिए हुआ सीजफायर
उत्पादन पर भारी प्रभाव
कंपनी के प्रसिद्ध उत्पाद ‘बबल प्लश योगा बॉल बडीज’ पर टैरिफ के उतार-चढ़ाव का इतना बुरा असर पड़ा कि उत्पादन को कई देशों में शिफ्ट करना पड़ा। रिक ने बताया कि एक समय उनकी कंपनी ‘घूमते शरणार्थी’ की तरह काम कर रही थी और उन्हें एक ही शिपमेंट पर $50,000 का अतिरिक्त जुर्माना देना पड़ा था। टैरिफ की बढ़ती लागत के कारण उनकी कंपनी की विस्तार योजनाएं ठप हो गईं और उन्हें नई भर्तियों की प्रक्रिया को भी तुरंत रोकना पड़ा था।
कानूनी लड़ाई और निवेश
रिक ने इस पूरी अदालती जंग को 1977 के IEEPA कानून की सीमाओं के उल्लंघन के रूप में पेश किया और तर्क दिया कि राष्ट्रपति के पास ऐसे अधिकार नहीं हैं। इस कानूनी लड़ाई को लड़ने के लिए उन्होंने अपनी जेब से करोड़ों डॉलर खर्च किए, जिसे उन्होंने भविष्य के लिए एक बहुत ही जरूरी निवेश बताया है। जबकि बड़े कॉरपोरेट्स इस मुकदमे से दूरी बनाए रहे, रिक ने अकेले ही सत्ता के सर्वोच्च शिखर को चुनौती देने का जोखिम उठाया और जीत हासिल की।
यह भी पढ़ें: जन्मदिन पर हुई गिरफ्तारी और अब घर पर पुलिस की छापेमारी, ‘प्रिंस एंड्रयू’ के ‘एपस्टीन कनेक्शन’ से हिला लंदन
रिफंड और भविष्य की राह
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने अब $100 अरब डॉलर से अधिक के संभावित रिफंड का रास्ता साफ कर दिया है जो विभिन्न कंपनियों से वसूला गया था। रिक की यह जीत दर्शाती है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक छोटा व्यवसायी भी गलत नीतियों के खिलाफ खड़ा होकर सफलता प्राप्त कर सकता है। अब दुनिया भर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका वास्तव में टैरिफ से वसूले गए $175 बिलियन डॉलर वापस करेगा या नहीं।
Rick woldenberg toymaker ceo trump tariff supreme court victory news
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
नागपुर में 8 अप्रैल को बिजली कट, जानें आपके इलाके में कब रहेगी लाइट बंद, चेक करें पूरा शेड्यूल
Apr 08, 2026 | 09:43 AMSambhajinagar में कचरा प्रबंधन पर टकराव, नेताओं में जुबानी जंग; महापौर ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
Apr 08, 2026 | 09:42 AMSambhajinagar: डिजिटल सुरक्षा का लाइव अनुभव, छात्रों ने पुलिस आयुक्तालय में सीखी साइबर क्राइम से बचाव की तकनीक
Apr 08, 2026 | 09:31 AMसीजफायर होते ही सरपट दौड़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स में 2674 अंको की तेजी, निफ्टी भी 731 अंक ऊपर खुला
Apr 08, 2026 | 09:28 AMअमरावती में एक साथ उठे 4 दोस्तों के जनाजे, ट्रक ने खिलौने की तरह पिचका दी कार, 3 की हालत नाजुक
Apr 08, 2026 | 09:28 AMपुडुचेरी चुनाव: वकालत से सत्ता के शिखर तक कैसे चमके V Narayanasamy? ‘सियासी संकट’ के बीच की अनकही कहानी
Apr 08, 2026 | 09:24 AMSambhajinagar के इंडस्ट्रियल सप्लायर्स संकट में, बढ़ती लागत ने बढ़ाई चिंता; कच्चे माल की भारी किल्लत
Apr 08, 2026 | 09:18 AMवीडियो गैलरी

वंदे भारत में इंसानियत शर्मशार! खाने की शिकायत पर दिव्यांग बुजुर्ग को कैंटीन स्टाफ ने पीटा, VIDEO वायरल
Apr 07, 2026 | 09:58 PM
सतना के स्कूल में ‘अतीक गैंग’ के नाम से धमकी, ₹1 लाख दो वरना बम से उड़ा देंगे; पोस्टर देख सहमे लोग- VIDEO
Apr 07, 2026 | 09:47 PM
अमेठी CHC की शर्मनाक तस्वीर, व्हीलचेयर न मिलने पर खुद को घसीटते हुए अस्पताल के अंदर गया मरीज; वीडियो वायरल
Apr 07, 2026 | 09:40 PM
सावधान! अकोला बस स्टैंड पर बिक रहा है ‘जहर’? नाले के पानी से नाश्ता बनाने का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप
Apr 07, 2026 | 09:33 PM
असम को बेच दिया! राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, अमेरिका-भारत डील को बताया देश के साथ धोखा
Apr 07, 2026 | 02:17 PM
इंदौर में दबंगई का वीडियो ! रेडिशन चौराहे पर पेट्रोल पंप कर्मचारी को सरेआम पीटा, पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल
Apr 06, 2026 | 10:12 PM














