इजराइल में फिर उठी नेतन्याहू विरोधी आवाजें, फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग- VIDEO
Israel Hamas War: इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू द्वारा गाजा पर कब्जे की अनुमति देने के फैसले के बाद देश में भारी विरोध शुरू हो गया है, हजारों लोग सड़कों पर उतरकर इस कदम का विरोध कर रहे हैं।
- Written By: अक्षय साहू
नेतन्याहू के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग (फोटो- सोशल मीडिया)
Protest Against Netanyahu: इजराइल पिछले कई महीनों से गाजा में हमास के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है। इसी बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सेना को गाजा पर कब्जा करने की अनुमति दे दी। हालांकि, उनके इस फैसले से देश की जनता में भारी असंतोष फैल गया है, और लोग सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस योजना के तहत सेना गाजा के उन इलाकों पर भी कब्जा करेगा, जहां हमास के लड़ाकों ने इजराइली नागरिकों को बंदी बनाकर रखा है। हालांकि इस फैसले का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है। साथ इजराइल की जनता भी सरकार के फैसले से खुश नहीं है। शनिवार को राजधानी तेल अवीव में करीब दस हजार लोगों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के फैसले का विरोध किया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बंधकों की सुरक्षित वापसी की मांग
शनिवार को तेल अवीव सहित देश के कई शहरों में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने गाजा पर कब्जे से पहले युद्ध विराम और बंधकों की सुरक्षित वापसी की मांग की। यह विरोध हाल के महीनों में सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक था, जो दिखाता है कि सरकार के इस कदम के खिलाफ आम जनता कितनी असंतुष्ट है।
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Gestern beim Pro-Hamas Protest am #CheckpointCharlie in Berlin rief eine Pali-Nazi Frau: “Abu Obaida ya habib, udrob udrob Tel Aviv”, Auf Deutsch: “Abu Obaida, mein Lieber, greife Tel Aviv an.” Abu Obaida ist der Sprecher des militärischen Flügels der Hamas. pic.twitter.com/84AiA2EgMa — Markus Schaub 🎗️ (@M_Schaub) August 10, 2025
बंधकों के परिजनों ने इस योजना को मौत की घंटी बताते हुए आम हड़ताल का आह्वान किया है। बंधक और लापता परिवार फोरम ने कहा, हमारे प्रियजनों की बलि देने के सरकार के फैसले पर एक लाल झंडा लहरा रहा है। फोरम ने सरकार से अपील की कि युद्ध बंद किया जाए और बंधकों को सुरक्षित लौटाया जाए।
सेना भी सरकार के फैसले के खिलाफ
इजराइली सेना ने भी इस योजना पर आपत्ति जताई है। सेना का कहना है कि गाजा पर नियंत्रण लेने से न केवल बंधकों की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी, बल्कि सैनिकों के लिए भी खतरा बढ़ेगा और वहां की मानवीय स्थिति और खराब हो जाएगी।
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बता दें कि सरकार की इस योजना में पांच प्रमुख उद्देश्य शामिल हैं। जिसमें हमास को निरस्त्र करना, सभी बंधकों की वापसी, गाजा पट्टी का विसैन्यीकरण, क्षेत्रीय सुरक्षा नियंत्रण इजराइल के हाथ में लेना, ऐसा वैकल्पिक नागरिक प्रशासन स्थापित करना जो हमास या फिलिस्तीनी प्राधिकरण से संबद्ध न हो।
