‘मुझे 18 महीने घर में कैद रखा’… बांग्लादेशी राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने मुहम्मद यूनुस पर लगाए गंभीर आरोप
Bangladesh Political Crisis: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने यूनुस की अंतरिम सरकार पर 18 महीने तक नजरबंद रखने और इलाज के लिए विदेश जाने से रोकने का आरोप लगाया है जिससे तनाव बढ़ गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन और पूर्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस (सोर्स- सोशल मीडिया)
Muhammad Yunus Government Allegations: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पूर्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। राष्ट्रपति ने दावा किया है कि उन्हें उनके ही आधिकारिक आवास ‘बंग भवन’ में 18 महीने तक कैद रखा गया। मुहम्मद यूनुस सरकार के आरोप के बीच उन्होंने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं और धार्मिक परंपराओं का भी जिक्र किया। इन आरोपों ने बांग्लादेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है जिससे यूनुस सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
नजरबंदी का दावा
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने एक अखबार को दिए साक्षात्कार में बताया कि उन्हें लगभग डेढ़ साल तक अपने घर में नजरबंद रहना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस की सरकार ने उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे और उन्हें बंग भवन से बाहर नहीं जाने दिया। शहाबुद्दीन के अनुसार वह अपने ही महल में एक कैदी की तरह महसूस कर रहे थे और उनकी स्वतंत्रता पूरी तरह छीन ली गई थी।
ईद परंपरा में बाधा
राष्ट्रपति ने दुखी होकर कहा कि बांग्लादेश की आजादी के बाद से हर राष्ट्रपति ईद की नमाज के लिए ईदगाह मैदान जाता रहा है। लेकिन यूनुस सरकार ने इस पुरानी परंपरा को तोड़ दिया और उन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मैदान जाने से साफ मना कर दिया। उन्हें सुरक्षा विभाग के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया था कि वे ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा की नमाज में शामिल नहीं हो सकते।
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इलाज पर पाबंदी
शहाबुद्दीन ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सिंगापुर में बायपास सर्जरी हुई थी जिसका फॉलोअप बहुत जरूरी था। उन्होंने विदेश मंत्रालय को इलाज के लिए सिंगापुर जाने का पत्र लिखा लेकिन मुहम्मद यूनुस ने उन्हें विदेश जाने की अनुमति नहीं दी। यूनुस ने उनसे कहा कि जरूरत पड़ने पर बाहर से डॉक्टर बुला लिए जाएंगे पर राष्ट्रपति को देश से बाहर जाने की इजाजत नहीं मिली।
अंतरिम सरकार के दौरे
राष्ट्रपति ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने खुद 14 विदेश यात्राएं कीं वहीं उन्हें रोका गया। उन्होंने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि एक राष्ट्राध्यक्ष होने के बावजूद उनके मौलिक अधिकारों और जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। यह स्थिति दर्शाती है कि अंतरिम सरकार और राष्ट्रपति के बीच के संबंध कितने खराब हो चुके थे और अंदरूनी कलह किस स्तर पर थी।
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अन्य गंभीर आरोप
इससे पहले भी शहाबुद्दीन ने यूनुस पर असंवैधानिक कदम उठाने और उन्हें पद से हटाने की साजिश रचने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी उनसे पूरी तरह गुप्त रखी गईं जो राष्ट्रपति के अधिकार में आती हैं। इन नए खुलासों के बाद बांग्लादेश की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच अंतरिम सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
