पाकिस्तान में अफगानों पर कार्रवाई तेज, UN ने की जबरन निर्वासन रोकने की अपील; शरणार्थियों में दहशत
Pakistan Afghan Deportation News: पाकिस्तान ने बिना वैध दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले हफ्ते 24 घंटे में 4,000 से अधिक लोगों को वापस भेजा जा चुका है।
- Written By: अमन मौर्या
अफगान शरणार्थी (फोटो सोर्स- IANS)
Pakistan Crackdown on Afghan Refugees: पाकिस्तान ने अफगान प्रवासियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार की ओर से बिना दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए दी गई समय-सीमा खत्म होने के बाद अफगान नागरिकों की गिरफ्तारियां और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, दस जुलाई की समय-सीमा खत्म होने के बाद, जिन अफगानों के पास वैध वीजा नहीं है, उन्हें स्वेच्छा से पाकिस्तान छोड़ने के लिए कहा गया था। इसके बाद अब उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।
इन अफगानों पर होगी कार्रवाई
अमू टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में रह रहे अफगानों का कहना है कि अधिकारी अब सिर्फ बिना दस्तावेज वाले लोगों को ही नहीं, बल्कि उन अफगानों को भी हिरासत में ले रहे हैं जिनके वीजा या अफगान सिटीजन कार्ड (एसीसी) की अवधि खत्म हो चुकी है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चलाया जा रहा है।
24 घंटे में 4,000 से ज्यादा लोगों को भेजा वापस
पाकिस्तान सरकार के अनुसार, अफगान सिटीजन कार्ड और दूसरे अस्थायी दस्तावेज रखने वाले लोगों को भी देश से वापस भेजा जा सकता है। तालिबान हाई कमीशन फॉर एड्रेसिंग रिटर्नीज इश्यूज के सेक्रेटेरिएट ने कहा कि पिछले सप्ताहांत 24 घंटे के अंदर 4,000 से ज्यादा अफगानों को पाकिस्तान से वापस भेजा गया।
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पाकिस्तान में रह रहे एक अफगान प्रवासी ने बताया कि कई परिवार अपने वीजा का नवीनीकरण नहीं करा पाए हैं। लगभग एक साल से वीजा मिलना या बढ़वाना बहुत मुश्किल हो गया है। अगर हमें गिरफ्तार करके वापस भेज दिया गया, तो हम सभी जानते हैं कि अफगानिस्तान में हालात कैसे हैं। हमें तालिबान से बदले की कार्रवाई का डर है।
अफगान परिवारों में बढ़ी चिंता
अमू टीवी की रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान में रहने वाले एक अफगान पत्रकार के अनुसार, सरकार के इस नए आदेश से अफगान परिवारों में काफी डर और चिंता फैल गई है। पाकिस्तानी मीडिया के आंकड़ों के मुताबिक, 2023 के अंत में पाकिस्तान की वापसी अभियान शुरू होने के बाद से अब तक करीब 25.9 लाख अफगान प्रवासियों और शरणार्थियों को वापस भेजा जा चुका है।
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान से की अपील
पाकिस्तान में रहने वाली एक अफगान पत्रकार ने कहा कि 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद जो लोग पाकिस्तान आए थे, वे सिर्फ आम प्रवासी नहीं बल्कि शरण लेने वाले लोग हैं। जो लोग 2021 के बाद पाकिस्तान में पनाह लेने आए, वे शरणार्थी हैं, सिर्फ प्रवासी नहीं। उन्हें अफगानिस्तान वापस भेजना उनकी जान के लिए खतरा बन सकता है।
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संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान से जबरन निर्वासन रोकने की अपील की है। उनका कहना है कि वापस भेजे गए कई अफगानों को अफगानिस्तान में उत्पीड़न, मनमानी हिरासत, यातना या बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
एजेंसी इनपुट के साथ…
