Explainer: ट्रंप के दोस्त को रूस ने दिया जहर! यूक्रेन से लौटने के कुछ घंटे बाद हो गई मौत, US में मचा हड़कंप
Lindsey Graham Death: अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अचानक निधन से हड़कंप मच गया है, यूक्रेन दौरे से लौटने के बाद हुई मौत को लेकर रूस और नोविचोक जहर की थ्योरी चर्चा में है।
- Written By: अक्षय साहू
लिंडसे ग्राहम की मौत में रूस के हाथ होने का शक (AI जेनरेटेड इमेज)
Russia Poisoned Lindsey Graham: अमेरिका के साउथ कैरोलिना के पूर्व सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दोस्त लिंडसे ग्राहम का 11 जुलाई 2026 को अचानक निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक, 11 जुलाई को ही अपने यूक्रेन दौरे से वापस वाशिंगटन लौटे थे। उन्होंने घर लौटने के बाद ट्रंप से फोन पर बात की और फिर सोने चले गए। कुछ घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
वॉशिंगटन डीसी के मेडिकलट टीम ने शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण एओर्टिक डिसेक्शन बताया गया है, लेकिन इसी बीच चर्चा तेज हो गई है कि ग्राहम की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि उन्हें जहर देकर मारा गया है। क्योंकि यूक्रेन जाने से वो पूरी तरह से स्वस्थ थे। कुछ पूर्व खुफिया अधिकारियों और विश्लेषकों ने संभावना जताई है कि हो सकता है कि यूक्रेन दौरे से दौरान रूस ने लिंडसे ग्राहम को जहर दिया हो। ऐसे में सवाल आता है कि क्या सच में रूस ऐसा कर सकता है? इसके पीछे क्या वजह है? क्या रूस ने इससे पहले ऐसा कुछ किया है?
रूस के धुर विरोधी थे लिंडसे ग्राहम
लिंडसे ग्राहम रूस और ईरान की नीतियों के कड़े आलोचक माने जाते थे। यूक्रेन यात्रा के दौरान उन्होंने पोलैंड से कीव तक लंबी ट्रेन यात्रा भी की थी, जिसे लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, अब तक किसी भी सरकारी एजेंसी ने हत्या या जहर देने जैसी किसी साजिश की पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही असलियत सामने आ पाएगी।
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रूस पर भारी टैरिफ लगाना चाहते ग्राहम
ग्राहम लंबे समय से यूक्रेन के समर्थक और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक रहे थे। उन्होंने रूस के खिलाफ कड़े आर्थिक प्रतिबंधों और भारी टैरिफ की मांग भी की थी। ग्राहम वही है जिन्होंने रूस को पांच सौ फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।
ट्रंप के करीबी माने जाते थे लिंडसे ग्राहम (सोर्स- सोशल मीडिया)
वहीं, दूसरी ओर ईरान के खिलाफ भी उनका रुख काफी सख्त था और उन्होंने कई बार सैन्य कार्रवाई की वकालत कर चुके थे। उनकी मौत के बाद ईरान के कुछ सरकारी मीडिया संस्थानों ने इस पर प्रतिक्रिया दी, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया। हालांकि, रूस या ईरान की किसी भी एजेंसी के खिलाफ अभी तक कोई आधिकारिक सबूत सामने नहीं आया है।
क्या रूस ने लिंडसे ग्राहम को दिया जहर?
इसे लेकर फिलहाल स्पष्ट रूप से कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन रूस के इतिहास को देखते हुए इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता। कोल्ड वॉर के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए थे जहां सोवियत संघ (USSR) ने अपने दुश्मनों को रास्ते से हटाने के लिए जहर का सहारा लिया हो।
एलेक्सी नवलनी को दिया गया नोविचोक (सोर्स- सोशल मीडिया)
वहीं, अगर बिते सालों की बात करें, तो 2020 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी एलेक्सी नवलनी को जहर देने का मामला सामने आता है। नवलनी अगस्त 2020 में साइबेरिया में टॉम्स्क से मॉस्को जाने वाले एक विमान में यात्रा कर रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में ही अचानक उनकी तबियत बहुत ज्दाया खराब हो गई। इसके बाद प्लेन की तुरंत ओम्स्क में आपातकालीन लैंडिंग करवाई गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए जर्मनी लाया गया था। जहां डॉक्टरों ने बताया कि एलेक्सी नवलनी को नोविचोक (Novichok) नाम का जहर दिया गया था। यह वही जहर था जिसका इस्तेमाल USSR भी करता था।
कितना खतरनाक है नोविचोक?
नोविचोक बेहद खतरनाक रासायनिक जहरों का एक समूह है, जिसे सोवियत संघ और बाद में रूस में 1970 से 1990 के बीच विकसित किया गया था। रूसी भाषा में नोविचोक का मतलब ‘नया’ होता है। नोविचोक इंसान के तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर हमला करता है, जिससे शरीर के जरूरी अंग काम करना बंद कर सकते हैं और व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
नोविचोक को सोवियत संघ ने किया था विकसित (AI जेनरेटेड इमेज)
नोविचोक का पता लगाना बहुत कठिन होता है, क्योंकि इसे इस तरह बनाया गया था कि सामान्य जांच प्रणालियां इसे आसानी से पहचान न सकें। इसकी बहुत ही छोटी मात्रा यहां तक कि नैनोग्राम स्तर भी जानलेवा हो सकती है। इसलिए किसी जगह या सतह पर इसकी मौजूदगी का पता लगाना बेहद मुश्किल होता है।
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ट्रंप के करीबियों मे गिने जाते थे
लिंडसे ग्राहम को डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी सहयोगियों में गिना जाता था। विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी। उनके निधन से ट्रंप को राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों स्तर पर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण नुकसान माना जा रहा है। अब दक्षिण कैरोलिना की खाली हुई सीट पर नए सीनेटर के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि ग्राहम की अनुपस्थिति का असर आने वाले राजनीतिक फैसलों और चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है।
