बांग्लादेश के आर्मी चीफ जनरल वाकर-उज-जमान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh Army Chief US Visit: दक्षिण एशिया की राजनीति में इन दिनों बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। बांग्लादेश ने एक तरफ पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों में तल्खी दिखाई है तो दूसरी तरफ महाशक्ति अमेरिका के साथ सैन्य और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसी को लेकर बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान 29 मार्च से संयुक्त राज्य अमेरिका के पांच दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर जा रहे हैं। जनरल के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद यह उनका दूसरा अमेरिकी दौरा है जो हालिया राजनीतिक बदलावों के मद्देनजर अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है।
इस दौरे की टाइमिंग अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, 25 मार्च को ‘नरसंहार दिवस‘ मनाते हुए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए अत्याचारों की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने उन दिनों को इतिहास के सबसे क्रूर और शर्मनाक अध्यायों में से एक बताया। पाकिस्तान को सार्वजनिक मंच से इस तरह आइना दिखाने के तुरंत बाद बांग्लादेशी सेना प्रमुख का वाशिंगटन की ओर रुख करना यह संकेत देता है कि ढाका अब पुरानी शत्रुता को भुलाने के मूड में नहीं है और अपनी सुरक्षा के लिए नए और मजबूत साझेदार तलाश रहा है।
जनरल वाकर-उज-जमान का यह दौरा बांग्लादेश में हुए बड़े सत्ता परिवर्तन के बाद हो रहा है। 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की, जबकि अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई थी। अगस्त 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद जनरल जमान ही इस पूरे राजनीतिक बदलाव के मुख्य केंद्र में रहे हैं। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली 18 महीने की अंतरिम सरकार के बाद अब चुनी हुई सरकार के तहत सेना प्रमुख का यह दौरा भविष्य के सैन्य संबंधों की दिशा तय करेगा।’
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आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जनरल जमान को जॉर्जिया के सीनेटर शेख रहमान ने स्टेट कैपिटल आने का विशेष निमंत्रण दिया है। इस यात्रा में उनके साथ उनकी पत्नी और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। यह दौरा महज औपचारिक नहीं है; इससे पहले अक्टूबर 2024 के दौरे में भी उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, रक्षा सहयोग और सैन्य क्षमता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की थी। ऐसे समय में जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है बांग्लादेश का यह कदम उसे वैश्विक स्तर पर एक रणनीतिक खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर सकता है।