बेनकाब हुआ पाकिस्तान! अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा- भारत के दुश्मनों के लिए अब भी सुरक्षित पनाहगाह है PAK

US Report On Pakistan Terrorism: अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट ने पाकिस्तान के झूठ की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के अनुसार, लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठन आज भी पाक में भारत के खिलाफ साजिशें रच रहे है।
Pakistan Exposed! Major Revelation in US Report: Pakistan Remains a Safe Haven for India's Enemies.
पाकिस्तान में पल रहे हैं भारत के दुश्मन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Pakistan Terror Network Against India: आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब किया गया है। अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) की हालिया 'इन फोकस' रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान आज भी उन आतंकवादी समूहों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है जो भारत और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के लिए बड़ा खतरा हैं। 25 मार्च को जारी इस रिपोर्ट में 15 प्रमुख आतंकवादी संगठनों का कच्चा चिट्ठा खोला गया है जिनमें से अधिकांश को अमेरिका पहले ही 'विदेशी आतंकवादी संगठन' (FTO) घोषित कर चुका है।

लश्कर और जैश का खौफनाक नेटवर्क

रिपोर्ट के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे संगठन पाकिस्तानी धरती से बिना किसी रोक-टोक के अपना नेटवर्क चला रहे हैं। 1980 के दशक के अंत में बना लश्कर-ए-तैयबा आज भी पाकिस्तान के पंजाब और कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय है। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि मुंबई हमलों (2008) का मास्टरमाइंड हाफिज सईद भले ही जेल में हो लेकिन उसका संगठन 'जमात-उद-दावा' जैसे नए नाम अपनाकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को धता बता रहा है। वहीं, साल 2000 में मसूद अजहर द्वारा स्थापित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य उद्देश्य भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का पाकिस्तान में विलय कराना है। रिपोर्ट बताती है कि इस संगठन के पास करीब 500 हथियारबंद आतंकी है  जो न केवल भारत बल्कि अफगानिस्तान में भी सक्रिय हैं। जैश ने तो खुले तौर पर अमेरिका के खिलाफ भी युद्ध का ऐलान कर रखा है। इसके अलावा, हिज्बुल मुजाहिदीन (HM) के पास भी लगभग 1500 कैडर मौजूद हैं जो कश्मीर में अस्थिरता पैदा करने का काम कर रहे हैं।

मदरसे और 'नेशनल एक्शन प्लान' की विफलता

अमेरिकी रिपोर्ट इस बात की भी पुष्टि करती है कि पाकिस्तान इन आतंकी गुटों को खत्म करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। साल 2014 में बनाए गए 'नेशनल एक्शन प्लान' का उद्देश्य इन संगठनों को जड़ से उखाड़ना था लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। रिपोर्ट में विशेष रूप से पाकिस्तान के मदरसों की भूमिका पर चिंता जताई गई है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, ये मदरसे आज भी ऐसी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं जो युवाओं को हिंसक चरमपंथ की ओर धकेलती है।

पाकिस्तान का दोहरा चरित्र

दक्षिण एशिया विशेषज्ञ के. एलन क्रोनस्टेड द्वारा तैयार यह रिपोर्ट पाकिस्तान के विरोधाभासी चेहरे को उजागर करती है। एक तरफ जहां पाकिस्तान बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में घरेलू उग्रवाद और हिंसा का शिकार होने का दावा करता है, वहीं दूसरी तरफ वह उन आतंकी ढांचों की मेजबानी कर रहा है जो दशकों से भारत को निशाना बना रहे हैं। पाकिस्तान की इसी 'अनिच्छा' के कारण दक्षिण एशिया में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। भारत ने इस रिपोर्ट के बाद अपना रुख फिर कड़ा किया है कि जब तक सीमा पार से आतंकवाद और टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर खत्म नहीं होता तब तक स्थायी शांति संभव नहीं है।

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