
बलोच लड़ाकों का पाकिस्तानी सेना के कैंप पर कब्जे का दावा (सोर्स-सोशल मीडिया)
BLA offensive in Balochistan: बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान प्रांत में ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण के तहत पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ अपने हमले और तेज कर दिए हैं। संगठन ने नुश्की जिले के अहमद वाल इलाके में स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य कैंप पर पूरी तरह कब्जा करने का दावा किया है। इस भीषण संघर्ष के कारण प्रांत के कई हिस्सों में इंटरनेट, ट्रेन सेवाएं और प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रम पांच दिनों से लगातार बाधित हैं। बलोच विद्रोहियों का कहना है कि यह अभियान पाकिस्तानी राज्य की सैन्य और प्रशासनिक संरचनाओं के खिलाफ उनका निर्णायक प्रतिरोध है।
नुश्की बस टर्मिनल के पास पाकिस्तानी बलों के कैंप के पास मंगलवार देर रात भीषण विस्फोट और लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय निवासियों के अनुसार धमाकों के कारण नागरिकों में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा की तलाश में अपने घरों में ही सिमट गए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सेना घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बना रही है जिससे आम नागरिकों के हताहत होने का खतरा है।
BLA ने दावा किया है कि ऑपरेशन हेरोफ के तहत क्वेटा और नुश्की सहित बलूचिस्तान के कम से कम 12 विभिन्न शहरों में समन्वित हमले किए गए हैं। हालांकि सरकारी अधिकारी स्थिति को नियंत्रण में बता रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मिल रही रिपोर्ट्स इसके ठीक विपरीत एक अलग तस्वीर दिखा रही हैं। BLA के मीडिया चैनल ‘हक्कल’ ने इस अभियान में शामिल अपने आत्मघाती हमलावरों की पहचान और तस्वीरें भी सार्वजनिक रूप से जारी की हैं।
संगठन द्वारा जारी एक हालिया वीडियो में एक महिला लड़ाके को पाकिस्तानी बलों के खिलाफ किए जा रहे इन भीषण हमलों में सक्रिय भाग लेते दिखाया गया है। आत्मघाती हमलावरों में से एक की पहचान सिराज बलोच के रूप में हुई है जिसने तुंप के पुल्लाबाद इलाके में सेना के कैंप पर वाहन हमला किया था। BLA का दावा है कि सिराज बलोच का यह कदम किसी तात्कालिक भावना का नहीं बल्कि उनके लंबे समय के वैचारिक समर्पण का ही एक परिणाम है।
31 जनवरी को शुरू हुए ऑपरेशन हेरोफ के दूसरे चरण के बाद से विद्रोही संगठन ने कई पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और घायल होने का दावा किया है। अहमद वाल से पहले संगठन ने गलांगुर इलाके में भी एक स्थानीय सैन्य ठिकाने पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की बड़ी बात मीडिया में कही थी। प्रांत में संचार सेवाओं पर कड़े प्रतिबंधों के कारण इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए कठिन बना हुआ है।
BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने इस नए चरण को पाकिस्तानी राज्य के खिलाफ एक बहुत ही निर्णायक प्रतिरोध की औपचारिक घोषणा करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य बलूचिस्तान में मौजूद राज्य की सभी सैन्य और प्रशासनिक संरचनाओं को पूरी तरह से निशाना बनाना और उन्हें नष्ट करना है। इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है और भविष्य में इसके और भी अधिक उग्र होने की प्रबल संभावना है।
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बलूचिस्तान में लगातार जारी इस संघर्ष और हमलों के कारण आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों में भारी असुरक्षा की भावना है। इंटरनेट और संचार माध्यमों के बंद होने से लोगों को अपने परिजनों से संपर्क करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के आवागमन पर लगी रोक ने प्रांत के संपर्क को देश के अन्य हिस्सों से पूरी तरह काट दिया है जिससे रसद की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।






