पाक के दोस्त पर भारत का कड़ा प्रहार, SCO में एंट्री पर लगाई रोक, शहबाज की सिट्टी-पिट्टी गुम

India-Azerbaijan Tension: अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने भारत पर आरोप लगाया कि उसने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के समर्थन के बदले में SCO सदस्यता से अजरबैजान को बाहर कर बदला लिया है।
पाक के दोस्त पर भारत का कड़ा प्रहार, SCO में एंट्री पर लगाई रोक, शहबाज की सिट्टी-पिट्टी गुम
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव (फोटो- सोशल मीडिया)
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India Blocked Azerbaijan SCO Full Membership: चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन जारी है। इसी बीच इसे लेकर एक नया विवाद सामने आया है। जहां अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने भारत पर बदला देने का आरोप लगाया है। अलीयेव का कहना है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में भारत की जगह पाकिस्तान का साथ दिया था। अब भारत SCO में उसकी सदस्ता को खारिज करके बदला ले रहा है।

जानकारी के मुताबिक, भारत ने SCO की सदस्यता के लिए अजरबैजान की दावेदारी को खारिज कर दिया था। इसके पीछे उसकी पाकिस्तान से नजदीकी को वजह बताया जा रहा है। दरअसल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अजरबैजान ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया था। अलीयेव का यह बयान सोमवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात के बाद आया।

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान का दिया साथ

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ गया था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस दौरान भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान में एक सर्जिकल कार्रवाई को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर स्थित 9 आतंकी ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया। भारत की इस कार्रवाई के बाद अजरबैजान ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया और भारतीय सैन्य कदम की आलोचना की। इसके बाद जब सीजफायर हो गया तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अजरबैजान की यात्रा की, जहां उन्होंने राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात कर भारत के खिलाफ समर्थन देने पर आभार व्यक्त किया।

क्या SCO में सदस्यता के नियम?

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सदस्यता प्राप्त करने के लिए किसी भी देश को पहले संगठन में पर्यवेक्षक (Observer) या वार्तालाप साझेदार (Dialogue Partner) के रूप में शामिल होना आवश्यक होता है। इसके बाद वह देश पूर्ण सदस्यता के लिए आधिकारिक रूप से आवेदन कर सकता है, जिसमें उसे SCO के सिद्धांतों, नियमों और उद्देश्यों को स्वीकार करने की प्रतिबद्धता दिखानी होती है।

इसके तहत सभी मौजूदा सदस्य देश जैसे भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान उस आवेदन की समीक्षा करते हैं। लेकिन अगर किसी एक भी सदस्य देश ने आपत्ति जताई, तो सदस्यता की अपील खारिज हो सकती है। अजरबैजान के साथ भी ऐसा हुआ। पाकिस्तान और चीन ने उसके आवेदन का समर्थन किया, लेकिन भारत की आपत्ति के चलते अजरबैजान को सदस्यता नहीं मिल पाई। इससे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को बड़ा झटका लगा है।

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