

PM Modi on SCO Summit: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की क्षेत्रीय और वैश्विक रणनीति को तीन मुख्य स्तंभों S, C, O- Security (सुरक्षा), Connectivity (संपर्क), Opportunity (अवसर) को पेश किया। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान और अमेरिका दोनों पर जमकर निशाना साधा।
पीएम मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन में भाषण देते हुए सुरक्षा को विकास की आधारशिला बताया और कहा कि बिना शांति और स्थिरता के विकास असंभव है। उन्हें SCO के सदस्य देशों को पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद के खिलाफ साथ खड़े होने की अपील की।
उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को विकास की सबसे बड़ी बाधा करार देते हुए कहा, “कोई भी देश, समाज या नागरिक आतंकवाद से अछूता नहीं रह सकता।” उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए इसे भारत की आत्मा और मानवता पर हमला बताया। पीएम ने संपर्क के महत्व पर बोलते हुए कहा, यह केवल व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं है भरोसे, सहभागिता और क्षेत्रीय एकजुटता का माध्यम है। उन्होंने भारत के चाबहार पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन मार्ग (INSTC) जैसे बहुपक्षीय प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया, जिनके जरिए भारत मध्य एशिया, रूस और यूरोप से सीधे जुड़ रहा है और पाकिस्तान पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है।
पीएम मोदी ने चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की आलोचना करते हुए कहा कि “अगर संपर्क किसी की संप्रभुता को नजरअंदाज करता है, तो वह भरोसे को खो देता है।” उन्होंने यह भी बताया कि 2023-24 में भारत-चीन व्यापार घाटा 85.1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में रिकॉर्ड 68.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें INSTC की भूमिका अहम रही। हालांकि, RIC (रूस-भारत-चीन) सहयोग अभी तक जमीन पर सफल नहीं हो पाया है।
पीएम ने अवसरों की बात करते हुए कहा कि ये केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक भी हैं। उन्होंने SCO में "Civilizational Dialogue Forum" की शुरुआत की, जिसका मकसद सदस्य देशों की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच प्रदान करना है। उन्होंने युवाओं, स्टार्टअप्स, कला, साहित्य और विज्ञान को जोड़ने पर जोर दिया और SCO के नए केंद्रों का स्वागत किया, जो संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटेंगे।