'ऑस्ट्रेलिया यहूदियों के साथ', PM अल्बनीज ने की इजरायली राष्ट्रपति से बात, कैनबरा आने का दिया न्योता

Australia Israel Relations: बोंडी बीच आतंकी हमले के नौ दिन बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से बातचीत कर उन्हें आधिकारिक दौरे का निमंत्रण दिया।
'Australia stands with the Jewish people', PM Albanese speaks with Israeli President, extends invitation to visit Canberra.
PM एंथनी अल्बनीज, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Bondi Beach Terror Attack: बोंडी बीच में हुए आतंकी हमले के नौ दिन बाद ऑस्ट्रेलिया और इजरायल के बीच कूटनीतिक संवाद तेज हो गया है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से फोन पर बातचीत की और उन्हें ऑस्ट्रेलिया आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि औपचारिक प्रोटोकॉल के तहत यह आधिकारिक न्योता देश के गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन द्वारा दिया जाएगा।

फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने बोंडी बीच आतंकी हमले पर गहरा दुख जताया और पीड़ितों व उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने राष्ट्रपति हर्जोग को बताया कि ऑस्ट्रेलिया सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है और कानून के तहत सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

इजरायली राष्ट्रपति को ऑस्ट्रेलिया का न्योता

इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने निमंत्रण को स्वीकार करने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे के लिए तैयार हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के यहूदी फेडरेशन के प्रमुख की ओर से भी हर्जोग को देश आने का निमंत्रण दिया जा चुका है। ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख अखबार द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के दौरान राष्ट्रपति हर्जोग ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी घटनाओं, उग्रवाद और आतंकवाद से निपटने के लिए सख्त और कानूनी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले न केवल एक समुदाय, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक समाज को चोट पहुंचाते हैं।

हम आपका दर्द महसूस करते हैं

हमले के एक सप्ताह बाद यरूशलम से जारी भावुक संदेश में राष्ट्रपति हर्जोग ने ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले यहूदी समुदाय के प्रति एकजुटता जताई थी। उन्होंने कहा था कि इजरायल के लोग आपके साथ खड़े हैं। भले ही हमारे बीच हजारों मील की दूरी हो लेकिन हम आपका दर्द महसूस करते हैं और आपकी हिम्मत को सलाम करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यरूशलम में रहते हुए भी उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई यहूदियों के टूटते दिलों की पीड़ा को महसूस किया और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

ऑस्ट्रेलिया की नीतियों पर सवाल

गौरतलब है कि 14 दिसंबर को हमले के तुरंत बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को लेकर ऑस्ट्रेलिया की नीतियों पर सवाल उठाए थे और इसे फिलिस्तीन को मान्यता देने से जोड़कर देखा था।

इस बीच, जायोनी फेडरेशन ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष जेरेमी लीबलर ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति हर्जोग को दिया गया निमंत्रण इस बात का संकेत है कि ऑस्ट्रेलिया अपने यहूदी नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा है और आतंकवाद व नफरत के खिलाफ इजरायल के साथ उसकी एकजुटता बनी हुई है।

लीबलर ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति हर्जोग की मौजूदगी से पीड़ित परिवारों को सांत्वना मिलेगी और भय के माहौल में जी रहे समुदाय को भरोसा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह दौरा न केवल पीड़ितों के प्रति सम्मान प्रकट करेगा बल्कि उस दिन दिखाई गई सामूहिक हिम्मत को भी यादगार बनाएगा।

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