यहूदी विरोधियों सावधान! सिडनी हमले के बाद ऑस्ट्रेलियाई PM का बड़ा ऐलान, कट्टरपंथियों पर गिरेगी गाज
Bondi Beach News In Hindi: ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज ने बॉन्डी बीच आतंकी हमले के बाद यहूदी विरोध के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नफरत और कट्टरपंथ की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय 'रॉयल कमीशन' गठित किया।
- Written By: अमन उपाध्याय
ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bondi Beach Attack PM Anthony Albanese Statement: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने देश में बढ़ते यहूदी-विरोध और हाल ही में हुए बॉन्डी बीच आतंकी हमले को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि यहूदी विरोध की घटनाओं और कट्टरपंथ के कारणों की जांच के लिए ‘कॉमनवेल्थ रॉयल कमीशन’ का गठन किया जाएगा। इस जांच की कमान पूर्व हाईकोर्ट जज वर्जीनिया बेल को सौंपी गई है, जो इस पूरे मामले की गहन पड़ताल करेंगी।
कैसे हुआ बॉन्डी बीच पर हमला?
यह कड़ा कदम पिछले साल 14 दिसंबर को सिडनी के प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर हुए हमले के जवाब में उठाया गया है। उस समय यहूदी समुदाय के लोग वहां अपना पारंपरिक हनुक्का त्योहार मना रहे थे। इसी दौरान आतंकी संगठन ISIS से प्रेरित दो हमलावरों, साजिद अकरम और नावेद अकरम (पिता-पुत्र) ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं।
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इस हमले में 16 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 40 लोग घायल हुए थे। मरने वालों में 10 साल के मासूम बच्चे से लेकर 87 साल के बुजुर्ग तक शामिल थे।
जांच आयोग का क्या होगा काम?
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने जोर देकर कहा कि यह रॉयल कमीशन केवल एक जांच प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह कमीशन नफरत फैलाने वाले तत्वों और कट्टरपंथ के पीछे की असली वजहों को समझने की कोशिश करेगा। अल्बनीज के अनुसार, ‘यह जांच ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया को मजबूत करने और हमारे सामाजिक सौहार्द को बचाने के लिए आवश्यक है।’
सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की संस्थाएं सभी समुदायों को सुरक्षा प्रदान कर सकें और कट्टरपंथ पर प्रभावी लगाम लगाई जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की पहचान समावेश और सम्मान के मूल्यों से है, और यह कमीशन इन मूल्यों की रक्षा करेगा।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमले की गूंज
इस हमले को ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने आधिकारिक तौर पर एक आतंकवादी हमला घोषित किया था। इसमें जान गंवाने वालों में न केवल स्थानीय लोग थे बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लोग भी शामिल थे जिससे इस घटना की वैश्विक स्तर पर निंदा हुई थी। प्रधानमंत्री का ताजा बयान उन कट्टरपंथी विचारधाराओं के लिए एक खुली चेतावनी है जो देश की शांति भंग करना चाहते हैं।
