राज खत्म, रौब भी खत्म! फ्रांस से टकराया अल्जीरिया, तिलमिलाए मैक्रों किया पलटवार; मचा हड़कंप
France Algeria tension: सोमवार को अल्जीरिया ने 12 फ्रांसीसी अधिकारियों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने का निर्देश दिया, जिसके जवाब में फ्रांस ने मंगलवार को 12 अल्जीरियाई राजनयिकों को देश से निकालने का आदेश जारी किया।
- Written By: अमन उपाध्याय
फ्रांस से टकराया अल्जीरिया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
पेरिस: फ्रांस और अल्जीरिया के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है। अल्जीरिया ने सोमवार को 12 फ्रांसीसी अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया, जिसके बाद फ्रांस ने भी मंगलवार को 12 अल्जीरियाई राजनयिकों को देश से निकालने का आदेश दिया। अल्जीरिया के द्वारा फ्रांसीसी राजनयिकों को निकाले जाने के बाद फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि यह कदम तीन अल्जीरियाई नागरिकों की गिरफ्तारी से संबंधित है।
अल्जीरिया का आरोप है कि फ्रांस ने उनके एक कांसुलर अधिकारी को अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया है, जो कि उनके लिए अपमानजनक है। दरअसल, दोनों देशों के बीच पिछले साल से ही तनाव बना हुआ है, जब फ्रांस ने विवादित पश्चिमी सहारा के मुद्दे पर मोरक्को का समर्थन किया था।
ये है पूरी कहानी
फ्रांस ने पश्चिमी सहारा पर मोरक्को के स्वायत्तता प्रस्ताव को समर्थन दिया, जबकि इस विवादित क्षेत्र में पोलिसारियो फ्रंट आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा है, जिसे अल्जीरिया का समर्थन प्राप्त है। फ्रांस के इस कदम से अल्जीरिया नाराज हुआ और उसने पेरिस से अपने राजदूत को वापस बुला लिया। तनाव और बढ़ गया जब नवंबर में अल्जीरिया ने फ्रांसीसी-अल्जीरियाई लेखक बौलेम संसाल को गिरफ्तार किया। संसाल, जो इस्लामवाद और अल्जीरियाई सरकार के कट्टर आलोचक हैं, उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई है, जिसे उन्होंने चुनौती दी है। उल्लेखनीय है कि 1830 में फ्रांस ने अल्जीरिया पर हमला किया था और इसे धीरे-धीरे अपना उपनिवेश बना लिया, जो 132 साल तक जारी रहा, और 1962 में अल्जीरिया स्वतंत्र हुआ।
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अप्रैल 2024 में पेरिस के पास एक ताजा विवाद उत्पन्न हुआ, जब अल्जीरिया सरकार के कड़े आलोचक और टिकटॉक पर 11 लाख फॉलोअर्स वाले अमीर बुखोर्स का अपहरण कर लिया गया। फ्रांस ने 2023 में अमीर को राजनीतिक शरण दी थी। पिछले हफ्ते फ्रांस ने तीन अल्जीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक कांसुलर अधिकारी भी था। इन पर अपहरण, अवैध हिरासत और आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप लगे हैं।
रिश्तों को तोड़ने की साजिश का आरोप
अल्जीरिया ने इसे अपनी बेइज्जती बताया और कहा कि कांसुलर अधिकारी को बिना किसी राजनयिक सूचना के सार्वजनिक रूप से गिरफ्तार किया गया था। अल्जीरियाई विदेश मंत्रालय ने इसे ‘अंतरराष्ट्रीय संधियों का स्पष्ट उल्लंघन’ करार देते हुए फ्रांस पर रिश्तों को तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया। इसके जवाब में, अल्जीरिया ने 12 फ्रांसीसी अधिकारियों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया।
फ्रांस ने भी किया पलटवार
फ्रांस ने इस कार्रवाई को अनुचित मानते हुए तुरंत जवाबी कदम उठाया। मंगलवार को फ्रांस ने 12 अल्जीरियाई राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया और अपने राजदूत को अल्जीयर्स से वापस बुला लिया। फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने एक्स पर कहा, ‘अल्जीरिया का निर्णय बिना आधार के है। बातचीत सिर्फ एकतरफा नहीं हो सकती।’ फ्रांसीसी राष्ट्रपति भवन ने एक बयान जारी करते हुए अल्जीरिया को ‘रिश्तों में भारी गिरावट’ का जिम्मेदार ठहराया। बैरो ने अल्जीरिया से निष्कासन रद्द करने की मांग की, वरना ‘तुरंत जवाब’ देने की धमकी दी।
