फाइल फोटो- बंगाल पुलिस
West Bengal News: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो गुटों के बीच झड़प के दौरान एक पुलिस अधिकारी पर कथित तौर पर हमला करने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता विवादों में घिर गए हैं। पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार की रात चंचल ब्लॉक के आश्रमपाड़ा इलाके में हुई, जब तृणमूल नेता एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जयंत दास ने भाजपा के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच झड़प में कथित तौर पर हस्तक्षेप किया।
पुलिस के मुताबिक, हस्तक्षेप के दौरान दास ने सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) समीर सिन्हा की चमड़े की बेल्ट से कथित तौर पर पिटाई कर दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दास अपने साथियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आपस में झगड़ रहे भाजपा के दो गुटों (स्थानीय नेता प्रसेनजीत शर्मा और प्रियंका हलदर के गुट) को अलग करने के प्रयास में आस-पास मौजूद लोगों को पीटना शुरू कर दिया।
अधिकारी के अनुसार, घटनास्थल पर पहले से ही मौजूद और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे एएसआई सिन्हा की भी दास ने कथित तौर पर पिटाई कर दी। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें दास कथित तौर पर बेल्ट लहराते हुए और अधिकारी पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका है। राजनीतिक दलों ने कथित घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा प्रवक्ता सजल घोष ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर दास जैसे ताकतवर लोगों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस की शह वाले कई बाहुबली पूरे बंगाल में उभरकर सामने आए हैं और उन्हें सत्तारूढ़ पार्टी का संरक्षण हासिल है। वे पुलिस या कानून से नहीं डरते। उन्हें लगता है कि वे पुलिस, पंचायत सदस्यों या आम लोगों पर हमला करके बच निकल सकते हैं। पुलिस का कर्तव्य है कि वह अपनी वर्दी की गरिमा को बहाल करे।”
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पुलिस ने बताया कि झड़प के सिलसिले में भाजपा के पांच समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन दास का अभी तक पता नहीं चल पाया है। तृणमूल की मालदा जिला इकाई के नेता निहार रंजन घोष ने कहा कि पार्टी आरोपों की जांच करेगी और अगर दास दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।