बंगाल में मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में मिली छात्र की लाश, बिहार में छाया मातम, परिवार का क्या आरोप?

MBBS Student Found Dead : पश्चिम बंगाल के एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में एमबीबीएस के छात्र का शव बरामद किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मृत छात्र की पहचान बिहार के लावण्य प्रताप के रूप हुई।
The body of an MBBS student from Bihar was found in a medical college hostel in Bengal
शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाती पुलिस। इमेज-प्रतीकात्मक, एआई
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MBBS Student Found Dead In West Bengal : पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में घटी दर्दनाक घटना ने पूरे कैंपस को झकझोर कर रख दिया है। कल रात एमबीबीएस पहले वर्ष के एक छात्र का शव उसके कमरे में फंदे से झूलता पाया गया। मृतक की पहचान 22 वर्षीय लावण्य प्रताप के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के पटना का रहने वाला था। सूचना मिलते दुर्गापुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इस घटना ने मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के पिता अनिल कुमार ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही के संगीन आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी कॉलेज की ओर से नहीं दी गई। जब लंबे समय तक बेटे का फोन नहीं उठा, तब उन्होंने दोस्तों के जरिए सच्चाई का पता लगाया।

रिजल्ट को लेकर तनाव में था लावण्य

पिता के मुताबिक लावण्य अपनी हालिया परीक्षा के नतीजों को लेकर काफी तनाव में था। उन्होंने दावा किया कि लिखित परीक्षा में लगभग 50 अंक पाने वाले छात्र को प्रैक्टिकल में केवल 5 अंक दिए गए। लावण्य ने पेपर की री-चेकिंग के लिए आवेदन भी किया था। कॉलेज के शिक्षकों द्वारा छात्रों के साथ किया जाने वाला व्यवहार भी कथित तौर पर अनुचित था।

19 मार्च को थी अगली परीक्षा

बताया जा रहा है कि लावण्य की अगली परीक्षा 19 मार्च से शुरू होने वाली थी। उससे पहले ही उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। छात्र के सहपाठी सदमे में हैं। फिलहाल इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। कॉलेज परिसर में इस समय तनाव और शोक का माहौल है।

पुलिस जांच और प्रशासनिक मौन

दुर्गापुर के पुलिस उपायुक्त (पूर्व) अभिषेक गुप्ता के अनुसार पुलिस छात्र के निजी जीवन, पढ़ाई के दबाव और हालिया परिस्थितियों की गहराई से जांच कर रही है। परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज होने के बाद मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है। दूसरी ओर, मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा अब तक इस दुखद घटना पर कोई आधिकारिक स्पष्टता या बयान जारी नहीं किया गया है। यह घटना फिर याद दिलाती है कॅरियर की भागदौड़ में युवा कितने अकेले और दबाव में हैं।

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