बंगाल में SIR शुरू होने की अफवाह से मचा हड़कंप, बांग्लादेश बॉर्डर पर इकट्ठा हुए सैकड़ों घुसपैठिए
West Bengal में SIR प्रक्रिया शुरू होने की अफवाह के बाद, सतखीरा और खुलना जिले के सैकड़ों अवैध बांग्लादेशी नागरिक हकीमपुर चेकपोस्ट से वतन लौटने की कोशिश कर रहे हैं। बॉर्डर पर अफरा-तफरी जैसा माहौल है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
SIR शुरू होने की अफवाह से इकट्ठा लोग, फोटो- सोशल मीडिया
West Bengal SIR Process: पश्चिम बंगाल सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों का भारी जमावड़ा लग गया है। सोमवार सुबह स्वरूपनगर थाना क्षेत्र के हकीमपुर चेकपोस्ट पर सैकड़ों लोग बांग्लादेश लौटने की कोशिश करते देखे गए। यह अफवाह है कि एसआईआर शुरू होने के डर से अवैध रूप से रह रहे लोग भारत से लौट रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया शुरू होने की अफवाह के बाद, भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों का झुंड अब वापस बांग्लादेश भाग रहा है। स्वरूप नगर थाना क्षेत्र के हकीमपुर चेकपोस्ट पर, सतखीरा और खुलना जिले के सैकड़ों लोग अपना सामान लिए बांग्लादेश वापस लौटने की कोशिश करते दिख रहे हैं।
बंगाल में SIR की प्रक्रिया शुरू होते ही मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि लोगों में अफवाह फैल गई कि नागरिकता सत्यापन अभियान या SIR जैसी कई प्रक्रिया राज्य में शुरू हो गई है। इसी डर से अवैध रूप से भारत में बसे बांग्लादेशी वापस लौट रहे हैं। बांग्लादेश की ओर जाने वाले लोगों की संख्या में तेजी आई है, और सोमवार सुबह तक लगभग 300 बांग्लादेशी नागरिक वापस जाने के इंतजार में देखे गए हैं, जिससे बॉर्डर और आप पास के स्थानीय क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
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कइयों ने कबूला कि वे बंग्लादेशी हैं
बॉर्डर पर आए लोगों ने बताया कि वे भारत के विभिन्न राज्यों में प्रवासी मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। ये लोग रिक्शा चलाने वाले, मजदूर और भट्ठे में काम करने वाले लोग थे। अधिकांश लोग बांग्लादेश के सतखिरा और खुलना के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनमें से कई ने स्वीकार किया कि वे सालों पहले अवैध तरीके से भारत में घुसे थे और यहां के झुग्गियों और कस्बों में अपने परिवारों के साथ रह रहे थे। सतखीरा जिले के रहने वाले अब्दुल सरकार ने बताया कि वह कोलकाता में रह रहा था और रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए उन्होंने भारत के दस्तावेज भी हासिल कर लिए थे, लेकिन एसआईआर की खबरों के कारण वे परिवार के साथ घर लौट रहे हैं।
आस-पास के लोगों ने क्या बताया?
स्थानीय निवासियों ने बताया कि रविवार रात से ही अवैध बांग्लादेशी– पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपने सामान के बैग के साथ सीमा के पास इकट्ठा हो रहे थे। हालांकि, स्थानीय पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने इलाके में किसी भी तरह के सत्यापन ड्राइव या एसआईआर के शुरू होने की पुष्टि नहीं की है।
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घुसपैठ और अवैध प्रवास लंबे वक्त से पश्चिम बंगाल में संवेदनशील मुद्दा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। बीएसएफ ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और वापस जाने वालों की पहचान जांचने के बाद ही उन्हें पार जाने दिया जा रहा है।
