West Bengal: एंटी सोशल बिल को लेकर मदन मित्रा का BJP पर हमला, कहा- आपातकाल जैसे हालात पैदा करना चाहती है सरकार
Anti Social Bill Controversy: टीएमसी नेता मदन मित्रा ने पश्चिम बंगाल सरकार के प्रस्तावित एंटी सोशल बिल को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। बोले- यह आपातकाल की याद दिलाता है और विरोधियों को दबाने की कोशिश है।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
मदन मित्रा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Madan Mitra Spoke On Anti-Social Bill: पश्चिम बंगाल सरकार के प्रस्तावित एंटी सोशल बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल का इस्तेमाल सरकार के विरोधियों को निशाना बनाने और उनकी आवाज दबाने के लिए किया जा सकता है।
मदन मित्रा ने कहा कि आपातकाल के दौरान भी इसी तरह के कानूनों का इस्तेमाल राजनीतिक नेताओं को जेल भेजने के लिए किया गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित कानून के तहत किसी व्यक्ति को लंबे समय तक बिना सुनवाई के हिरासत में रखा जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि बिल का अध्ययन करने के बाद ही वह इस पर अपनी राय देंगे।
बोले- आपातकाल के दौर की याद दिलाता है यह बिल
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार इंदिरा गांधी से प्रेरित होकर काम कर रही है। ऐसे लोगों को अपना आदर्श मानकर यह बिल लाया गया है। कांग्रेस के शासनकाल में एक अधिनियम के लागू होने के बाद अब इस बिल को लाया गया है। जब इस देश में आपातकाल लागू किया गया था। भाजपा अभी मौजूदा समय में कांग्रेस को पूरी तरह से फॉलो कर रही है।
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एंटी सोशल बिल को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
मदन मित्रा ने कहा कि आपातकाल के दौरान इसी बिल के तहत लोगों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे डाला गया था। चाहे वो ज्योति बासू हो या सीपीएम के नेता हो। सभी को इसी बिल के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस बिल के तहत किसी भी व्यक्ति को एक साल के लिए गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इसके बाद किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं होगी। यही इन लोगों का मुख्य मकसद है। स्थिति ऐसी हो चुकी है कि जो लोग गुंडे थे, वही लोग अब गुंडे होने की परिभाषा निर्धारित कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में काम कैसे चलेगा।
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यूसीसी पर बोले- बिल देखने के बाद ही दूंगा प्रतिक्रिया
इसके अलावा, टीएमसी नेता मदन मित्रा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, यूसीसी बिल अभी तक नहीं आया है। ऐसी स्थिति में मैं इस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं कर सकता हूं। इस पर मैं तभी कुछ टिप्पणी करूंगा, जब इसे पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभी तक मैंने व्यक्तिगत रूप से यूसीसी के बिल को नहीं देखा है। इस बिल को पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर लाया गया है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। यह बिल राजनीतिक फायदा अर्जित करने की कोशिश की जाएगी। इस बिल के तहत जो लोग भी उनके खिलाफ बोलेंगे, तो उन्हें दबा दिया जाएगा।
