बंगाल में TMC नेताओं पर एक्शन तेज, पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार, ममता सरकार के बाद बढ़ी मुश्किलें
Sabyasachi Dutta Arrested: पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बड़े उतार चढ़ाव से गुजर रही है। जब से सत्ता का परिवर्तन हुआ है तब से ही राज्य में TMC के नेताओं पर कार्रवाई का सिलसिला तेज होता जा रहा है।
- Written By: सिमरन सिंह
Sabyasachi Dutta (Source. Social Media)
TMC Leader Sabyasachi Dutta Arrested: पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बड़े उतार चढ़ाव से गुजर रही है। जब से सत्ता का परिवर्तन हुआ है तब से ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। जिस कड़ी में अब बिधाननगर के पूर्व मेयर और टीएमसी के वरिष्ठ नेता सब्यसाची दत्ता की गिरफ्तारी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। बता दें कि जबरन वसूली के आरोप में हुई यह कार्रवाई बंगाल की बदलती राजनीतिक तस्वीर की ओर इशारा करती है। वहीं विपक्ष इसे कानून का राज बता रहा है जबकि टीएमसी समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बता रहा है।
कौन हैं सब्यसाची दत्ता?
सब्यसाची दत्ता के बारे में बताए तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं। जिनको बिधाननगर नगर निगम के पहले मेयर के रूप में चुना गया था और यह राजारहाट-न्यू टाउन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। इतना ही नहीं एक समय ऐसा भी आया था जब उन्हें ममता बनर्जी के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता था। लेकिन 2019 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया पर उसके बाद कुछ समय में ही वह दुबारा टीएमसी में वापसी कर चुके थे और पार्टी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने लगे और उनके इन्हें बदलावों के कारण उनकी गिरफ्तारी को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रूप में देखा जा रहा है।
जबरन वसूली के आरोप में कार्रवाई
रिपोर्ट्स में जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार जांच एजेंसियां नगर निकाय से जुड़े कुछ ठेकों, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक फैसलों की जांच कर रही थीं। जिस जांच के दौरान कुछ दस्तावेज और कथित साक्ष्य सामने आने के बाद सब्यसाची दत्ता को गिरफ्तार किया गया। बता दें कि दत्ता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है और उनका साफ तौर पर कहना है कि उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है और सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी।
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कई बड़े नेताओं पर कस चुका है शिकंजा
वहीं देखा जा रहा है कि सब्यसाची दत्ता की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब बंगाल में कई अन्य टीएमसी नेताओं पर भी कार्रवाई की जा रही है। बता दें हाल ही में पूर्व मंत्री सुझीत बोस को कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया, इसके अलावा जयप्रकाश मजूमदार पर अवैध संपत्ति कब्जाने के आरोप लगे, जहांगीर खान को उगाही और धमकी से जुड़े मामलों में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया। ऐसे में यह पैटर्न भी कई बातों की तरफ इशारा करता है।
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बंगाल की राजनीति में बढ़ेगा सियासी तापमान
राजनीतिक जानकार इस पूरे मामले को देखकर कहते है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और ज्यादा गरमा सकती है। एक ओर जांच एजेंसियां कार्रवाई को कानूनन प्रक्रिया बता रही हैं। वहीं दूसरी ओर टीएमसी इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति के रूप में पेश कर रही है। ऐसे में सब्यसाची दत्ता की गिरफ्तारी केवल एक कानूनी मामला नहीं बल्कि बंगाल की बदलती राजनीतिक दिशा का भी सबूत है।
