Gallantry Awards: राष्ट्रपति ने 51 जांबाजों को किया सम्मानित, 7 कीर्ति चक्र और 15 वीर चक्र से सजे जवान

Indian Gallantry Awards: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा अलंकरण समारोह में 51 वीरों को सम्मानित किया। 08 जून 2026 को 07 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र बहादुरों को दिए गए।
Gallantry Awards: President Droupadi Murmu Honours 51 Brave Heroes With Kirti And Vir Chakras 
वीरता पुरस्कार (सोर्स-सोशल मीडिया)
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President Presents Gallantry Awards: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 08 जून 2026 को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में एक बहुत ही भव्य रक्षा अलंकरण समारोह का विशेष आयोजन किया। इस पहले चरण के समारोह में देश के बहादुर जवानों को उनके असाधारण साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। समारोह में कुल 51 वीरों को उनके अद्भुत शौर्य के लिए मेडल पहनाकर पूरा और सच्चा सम्मान दिया गया। भारत के इतिहास में यह देश के लिए एक बहुत ही गर्व और खुशी का बड़ा ऐतिहासिक पल था।

राष्ट्रपति ने युद्धक्षेत्र और आतंकवाद निरोधी अभियानों में अदम्य साहस दिखाने वाले सशस्त्र सेनाओं, केंद्रीय पुलिस बलों और राज्य पुलिस के जवानों को चुना। इन वीरों ने अपने कर्तव्य के दौरान अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह किए बिना अद्वितीय बहादुरी का शानदार प्रदर्शन किया था। समारोह में मुख्य रूप से 07 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र देश के शूरवीरों को बड़े गर्व के साथ प्रदान किए गए। इनमें से कुछ पुरस्कार वीर जवानों को मरणोपरांत उनके महान और सर्वोच्च बलिदान के लिए अत्यंत सम्मानपूर्वक दिए गए।

कीर्ति चक्र से सम्मानित देश के वीर

समारोह में कुल 07 कीर्ति चक्र प्रदान किए गए जिनमें देश के 02 वीर जवानों को यह मरणोपरांत शामिल किया गया है। नायब सूबेदार दोलेश्वर सुब्बा को किश्तवाड़ में आतंकवादियों को पूरी तरह रोकने के लिए यह बड़ा सम्मान मिला। इसके अलावा लांस नायक मीनात्ची सुंदरम, मेजर अर्शदीप सिंह, एयर कमोडोर प्रशांत नायर और कैप्टन लालरिनावमा सैलो को भी कीर्ति चक्र मिला। सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर और लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत यह सर्वोच्च सम्मान बहुत ही गर्व के साथ दिया गया।

15 शूरवीरों को मिला महत्वपूर्ण वीर चक्र

देश के 15 वीरों को उनके अदम्य साहस और वीरता के लिए वीर चक्र से नवाजा गया जिनमें 03 पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए हैं। कर्नल कोशांक लांबा, ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू, विंग कमांडर जॉय चंद्रा और ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को यह विशेष पुरस्कार मिला। स्क्वाड्रन लीडर सिद्धांत सिंह, नायब सूबेदार सतीश कुमार और लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट भी इस मौके पर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित हुए। सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, राइफलमैन सुनील कुमार और कांस्टेबल दीपक को यह वीर चक्र मरणोपरांत पूरी गरिमा के साथ प्रदान किया गया।

शौर्य चक्र के 29 बहादुर और असली विजेता

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 29 जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जिनमें 01 पुरस्कार वीर जवान को मरणोपरांत दिया गया है। एमएचए के निरीक्षक लक्ष्मण केवट, रामेश्वर प्रसाद देशमुख और लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भारती शुक्ला इस विशेष सम्मान के मुख्य विजेता रहे।

नौसेना की जांबाज लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और रूपा ए को भी उनके बेमिसाल साहस के लिए शौर्य चक्र मिला। एल/डीएफआर बलदेव चंद को यह बहुत ही प्रतिष्ठित सम्मान देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान पर मरणोपरांत दिया गया।

बलिदानियों को देश और जनता का नमन

इन सभी वीरता पुरस्कारों ने देश की रक्षा करने वाले जांबाज जवानों के असीम सम्मान को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी मेडल और पुरस्कार विजेताओं तथा उनके उपस्थित परिवारजनों को अपनी हार्दिक और विशेष बधाई दी।

उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन सभी वीरों के महान बलिदान और अदम्य साहस को बार-बार नमन किया। यह भव्य सम्मान समारोह भारतीय सेना और पुलिस बलों के असीम शौर्य का एक बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक प्रतीक बन गया है।

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