पश्चिम बंगाल में एंटी-गुंडा कानून लागू: 12 महीने तक हिरासत का प्रावधान, संपत्ति नुकसान पर भी होगी कार्रवाई
West Bengal Government: पश्चिम बंगाल सरकार के दो नए कानून सोमवार से पूरे राज्य में लागू होंगे। सरकार का दावा है कि इनका उद्देश्य गुंडागर्दी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर नियंत्रण करना है।
- Written By: दिव्या सिंह
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
West Bengal Public Safety Act: पश्चिम बंगाल सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से दो नए कानून लागू करने का फैसला किया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद पश्चिम बंगाल लोक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026 और पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2026 सोमवार से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएंगे।
मुर्शिदाबाद के बहरामपुर में आयोजित प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य राज्य में गुंडागर्दी, हिंसा, अवैध गतिविधियों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
12 महीने तक हिरासत का प्रावधान
सरकार के अनुसार, नए लोक सुरक्षा कानून के तहत ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी, जिन्हें समाज विरोधी या गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों में शामिल माना जाता है। कानून में ऐसे आरोपियों को अधिकतम 12 महीने तक हिरासत में रखने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि गंभीर मामलों में कानूनी प्रक्रिया कानून के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार संचालित होगी और पात्र व्यक्तियों को सरकारी कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से होगी वसूली
पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों से क्षतिपूर्ति वसूलने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए एक विशेष दावा आयोग गठित किया जाएगा, जो नुकसान का आकलन कर मुआवजे की राशि निर्धारित करेगा।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दंगों, हिंसक प्रदर्शनों, अवैध जमावड़ों और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली घटनाओं के दौरान सरकारी एवं निजी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से इन नए कानूनों को लागू किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते समय किसी राजनीतिक निर्देश की प्रतीक्षा न करें और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के अनुसार स्वतंत्र रूप से निर्णय लें।
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महिलाओं के खिलाफ अपराधों की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अत्याचार से जुड़े पुराने मामलों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अब तक दोषियों को सजा नहीं मिली है, उनकी दोबारा जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस पर हमले, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और रेलवे पटरियां उखाड़ने जैसी घटनाओं पर नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से रोक लगाने में मदद मिलेगी।
