स्कूल में स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी का मजेदार प्रयोग, उड़ते बाल देखकर बच्चे बोले- ये जादू नहीं विज्ञान

Science Experiment Viral Video गुजरात के हलवद स्थित संदीपनी इंग्लिश स्कूल में स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी का आसान और मजेदार प्रयोग कराया गया, जिसमें चादर रगड़ते ही बच्चों के बाल खड़े हो गए।
A fun static electricity experiment conducted at a Gujarat school has gone viral, earning praise for making science simple and enjoyable for students.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Static Electricity Viral Video : साइंस को अगर रोचक और आसान तरीके से पढ़ाया जाए, तो यह बच्चों का सबसे पसंदीदा विषय बन सकता है। गुजरात के हलवद शहर स्थित संदीपनी इंग्लिश स्कूल ने इसी सोच को हकीकत में बदल दिया है।

स्कूल में स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी यानी स्थैतिक विद्युत का एक ऐसा सरल और मजेदार प्रयोग कराया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस प्रयोग को देखकर न सिर्फ बच्चे हैरान हैं, बल्कि इंटरनेट यूजर्स भी टीचर्स की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

वीडियो पर 20 मिलियन से ज्यादा व्यू

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि क्लासरूम में बच्चों के सामने एक आसान सा प्रयोग किया जा रहा है। प्रयोग के लिए सिर्फ एक चादर का इस्तेमाल किया गया। दो बच्चे लड़कियों के सिर पर चादर को रगड़ते हैं और जैसे ही चादर हटाई जाती है, उनके बाल अचानक ऊपर की ओर खड़े हो जाते हैं।

यह नजारा देखकर क्लास में मौजूद सभी बच्चे जोर-जोर से हंसने लगते हैं और हैरान रह जाते हैं। वीडियो के साथ यह भी लिखा गया है कि यह कोई जादू नहीं, बल्कि स्टैटिक इलेक्ट्रिक चार्ज का कमाल है, जो घर्षण से पैदा होता है। पोस्ट गुजराती भाषा में लिखी गई है, लेकिन वीडियो का असर हर भाषा के लोगों पर साफ नजर आ रहा है।

यूजर्स ने कहा- किताबों के साथ-साथ ऐसे प्रैक्टिकल प्रयोग बहुत जरूरी

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है और अब तक इसे 20 मिलियन यानी 2 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है। हजारों लोग इस पर कमेंट कर चुके हैं। ज्यादातर यूजर्स ने कहा कि अगर विज्ञान ऐसे पढ़ाया जाए, तो बच्चों को कभी डर नहीं लगेगा।

कई लोगों ने लिखा कि टीचर हों तो ऐसे, जो पढ़ाई को खेल और प्रयोग के जरिए समझाएं। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि स्कूलों में किताबों के साथ-साथ ऐसे प्रैक्टिकल प्रयोग बहुत जरूरी हैं, ताकि बच्चे साइंस को सिर्फ याद न करें, बल्कि उसे समझें और महसूस भी करें।

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