CBSE कक्षा 10 की छात्रा की तस्वीर। (सोर्स - इंटरनेट)
CBSE Maths Paper Tough : देशभर में Central Board of Secondary Education (CBSE) की कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा के तहत आयोजित मैथ्स स्टैंडर्ड पेपर के बाद छात्रों और अभिभावकों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
परीक्षा खत्म होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट वायरल हो गईं, जिनमें पेपर को कठिन और लंबा बताया गया। छात्रों का कहना है कि प्रश्न उम्मीद से ज्यादा जटिल थे और समय प्रबंधन करना मुश्किल हो गया। कुछ अभिभावकों ने भी कहा कि सैंपल पेपर और असली परीक्षा के स्तर में काफी अंतर था।
Dear @cbseindia29, Today’s Class X Mathematics (Standard) question paper was extremely tough and quite lengthy. I saw many students coming out of the examination centres in tears. Was this level of difficulty intentional so that more students would need to appear for the second… — Akhilesh Sharma (@akhileshsharma1) February 17, 2026
खासकर तमिलनाडु क्षेत्र के कुछ छात्रों ने दावा किया कि उनके सेट का पेपर अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा कठिन था। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने प्रधानमंत्री Narendra Modi, शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin को टैग करते हुए परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। एक पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि एक सवाल सिलेबस से बाहर था। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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वहीं कई लोगों ने पेपर के स्तर का समर्थन भी किया। कुछ यूजर्स का कहना है कि अगर छात्र आगे चलकर JEE या NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, तो मजबूत आधार जरूरी है।
उनके अनुसार, समस्या पेपर की कठिनाई नहीं बल्कि अभ्यास और समय प्रबंधन की हो सकती है। फिलहाल CBSE की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह विवाद केवल एक पेपर तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली, पारदर्शिता और छात्रों के मानसिक दबाव जैसे बड़े मुद्दों से भी जुड़ गया है।