पिपरी प्लस 13 गांवों में 6 दिन नहीं होगी जलापूर्ति, नागरिकों को करना पड़ेगा जलकिल्लत का सामना
Wardha Water Crisis: वर्धा जिले के पिपरी प्लस 13 गांवों में मुख्य पाइपलाइन मरम्मत कार्य के कारण 20 से 25 फरवरी तक जलापूर्ति बंद रहेगी, जिससे नागरिकों को जलकिल्लत का सामना करना पड़ेगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
मुंबई में पानी की आपूर्ति बाधित (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pipri Water Supply Disruption: वर्धा शहर से सटे पिपरी प्लस 13 गांवों की जलापूर्ति शुक्रवार से छह दिनों के लिए प्रभावित रहेगी। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण द्वारा मुख्य पाइपलाइन का कार्य किए जाने के कारण जलापूर्ति बाधित होने वाली है। करीब एक सप्ताह तक पानी नहीं मिलने से नागरिकों को वैकल्पिक संसाधनों का उपयोग करना पड़ेगा और पेयजल के लिए भागदौड़ करनी होगी।
वर्धा शहर से सटे पिपरी, सावंगी, बोरगांव, सिंदी मेघे, साटोडा, नालवाड़ी, मसाला, वरूड, वायगांव, उमरी, दत्तपुर, सालोड आदि गांवों को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की ओर से जलापूर्ति की जाती है। वर्तमान में इन गांवों में लगभग 22 हजार नल कनेक्शन होने की जानकारी है, हालांकि कागजों में नलों की संख्या कम बताई जाती है।
मुख्य पाइपलाइन बदलने का कार्य
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण द्वारा धाम नदी से पिपरी प्लस 13 गांवों को पानी सप्लाई किया जाता है। येलाकेली पंपिंग स्टेशन से हनुमान टेकड़ी स्थित फिल्टर प्लांट तक पानी लाया जाता है, जिसके बाद योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों में वितरण किया जाता है। येलाकेली से फिल्टर प्लांट तक की मुख्य पाइपलाइन बदलने का कार्य महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण द्वारा किया जाना है।
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दिवाली के दौरान साढ़े तीन किलोमीटर पाइपलाइन बदली गई थी, जबकि शेष सात किलोमीटर पाइपलाइन बदलने का कार्य अब 20 फरवरी से शुरू किया जाएगा। पाइपलाइन बिछाने और मरम्मत कार्य के चलते 20 से 25 फरवरी तक 14 गांवों की जलापूर्ति बंद रहेगी, ऐसी जानकारी मजिप्रा के उप विभागीय अभियंता दीपक धोटे ने दी है।
मजिप्रा जलापूर्ति का प्रमुख आधार
पिपरी प्लस 13 गांवों के लिए मजिप्रा जलापूर्ति का प्रमुख आधार है। इस योजना के लागू होने से पहले इन गांवों में पेयजल की भारी किल्लत रहती थी। योजना लागू होने के बाद समस्या काफी हद तक दूर हुई थी, लेकिन अब मरम्मत कार्य के कारण नागरिकों को एक बार फिर जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।
