वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Canadian Woman Viral Video : सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने भारत की वैश्विक छवि को लेकर नई बहस छेड़ दी है। यह वीडियो एक कनाडाई महिला का है, जिसमें वह विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स पर भारत को एकतरफा और नकारात्मक तरीके से दिखाने का आरोप लगाती हैं। यह वीडियो X पर Venom नाम के यूजर ने शेयर किया है, जिन्होंने इस ट्रेंड को “सेलेक्टिव स्टोरीटेलिंग” बताया।
महिला का कहना है कि कई विदेशी व्लॉगर्स भारत आते हैं, लेकिन कैमरा सिर्फ उन्हीं जगहों पर घुमाते हैं जहां गरीबी, भीड़ और अव्यवस्था दिखाई देती है। उनके मुताबिक, इसका मकसद भारत की असली विविधता दिखाना नहीं बल्कि ज्यादा व्यूज और क्लिक हासिल करना होता है, जो धीरे-धीरे भारतीयों के खिलाफ वैश्विक नस्लवाद को बढ़ावा देता है।
वीडियो में महिला खास तौर पर पुरानी दिल्ली का जिक्र करती हैं। वह कहती हैं कि पूरे भारत को पुरानी दिल्ली की एक सड़क से जोड़कर दिखाना बेहद गलत और “टेरिबल” प्रैक्टिस है। उनके शब्दों में, यह सोचना ही पागलपन है कि लोग इतने बड़े और विविध देश को सिर्फ एक भीड़भाड़ वाली जगह के आधार पर जज करते हैं।
महिला बताती हैं कि भारत सिर्फ गंदगी या अव्यवस्था नहीं है, बल्कि यहां आधुनिक शहर, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर और लग्जरी लाइफस्टाइल भी मौजूद है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह दिल्ली के एक लग्जरी होटल में ठहरी थीं, जहां की सर्विस “आउट ऑफ दिस वर्ल्ड” थी, लेकिन ऐसे पॉजिटिव अनुभव शायद ही कभी विदेशी ट्रैवल व्लॉग्स में दिखाए जाते हैं।
महिला ने भारत की तुलना वियतनाम से करते हुए कहा कि जब लोग वियतनाम सर्च करते हैं, तो उन्हें “worst street food” या अत्यधिक गरीबी वाले वीडियो नहीं दिखते। उनका दावा है कि इस तरह का नेगेटिव नैरेटिव सिर्फ भारत के साथ ही अपनाया जाता है। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं।
कई यूजर्स ने माना कि इसमें विदेशी क्रिएटर्स के साथ-साथ भारतीयों की भी भूमिका है। कुछ लोगों का कहना है कि भारतीय खुद ही एक-दूसरे को कमेंट सेक्शन में नीचा दिखाते हैं। वहीं कई यूजर्स ने जोर दिया कि अब जरूरत है कि भारतीय क्रिएटर्स और टूरिज्म सेक्टर मिलकर भारत की सच्ची, सकारात्मक और आधुनिक तस्वीर दुनिया के सामने रखें।