राम जन्मभूमि के थाने में बैठे बजरंगबली, फोटो हुआ वायरल

राम जन्मभूमि के थाना से एक फोटो वायरल हो रही है। जिसमें SHO साहब की कुर्सी पर एक बंदर ठाठ से बैठा नजर आ रहा है। वायरल हो रहे इस तस्वीर को लेकर SHO साहब का कहना है कि ये तस्वीर 15 अगस्त की है। झंडा फहराने के बाद वापस आने पर बंदर उनकी कुर्सी पर बैठा था।
अयोध्या SHO की कुर्सी पर बैठे बजरंगबली
राम जन्मभूमि के SHO की कुर्सी पर बैठा बंदर (सोर्स:-सोशल मीडिया)
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लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश भर में आजादी का जश्न मनाया गया। चारो ओर देशभक्ति के नजारे दिखें। मंदिरों में भी भारत का झंडा फहराया गया। राम नगरी अयोध्या में धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस मौके पर अयोध्या में खास घटना घटी। जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर काफी की जा रही है।

दरअसल, अयोध्या थाना में SHO की कुर्सी पर एक बंदर आ कर बैठ गया। जिसके बाद वो काफी देर तक कुर्सी पर बैठकर लोगों को निहारता रहा। वहीं लोग भी उसकी मासूमियत भरी नजर से देख रहे थे। वहां ड्यूटी में तैनात SHO ने बंदर के साथ तस्वीर खिंचवाई जो की सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।।

SHO साहब ने दी सलामी

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे तस्वीर में बंदर SHO साहब की कुर्सी पर ठाठ से बैठा है। वहीं साहब बंदर के बगल में दुलारते नजर आ रहे हैं। बंदर आगे लगे टेबल पर कुछ फाइलें भी रखी है। ऐसा लग रहा है मानों बंदर जी ऑन ड्यूटी हों। वो अभी जनता के सारे परेशानियों को दूर करने वाले हैं। वहीं साहब उनकी सेवा में खड़े नजर आ रहे हैं।

अयोध्या में बंदरों को भगवान की नजर से देखा जाता है। बंदर को कई लोग बजरंगवली कहते हैं। लोग उनकी पूजा करते हैं। वहीं अगर बंदर कोई काम बीगाड़ दे तो वो भगवान का इशारा भी कहा जाता है। बंदरों और लोगों के बीच एक अटूट प्रेम है। हालांकि रामनगरी में पहले के मुकाबले अब बंदरों की संख्या कम हो गई है।

बजरंगबली का आर्शीवाद

राम जन्मभूमि थाना के एसएचओ देवेंद्र पांडे ने बताया कि 15 अगस्त को जब हम झंडा फहराने के बाद अपनी कुर्सी पर वापस आकर देखते हैं तो एक बंदर मेरी कुर्सी पर बैठा नजर आता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक अयोध्या में बंदरों को पवन पुत्र हनुमान का स्वरूप कहा जाता है। इनकी पूजी की जाती है। लोगों को इनसे एक खास प्रेम होता है। उसी नाते हमने भी कुर्सी पर बैठे बंदर को प्रणाम किया और सलामी भी दी। एसएचओ खुद को हनुमान भक्त बताते हैं। ऐसे में खुद बजरंगबली का उनकी कुर्सी पर बैठना उनके लिए के बहुत बड़ी बात है।

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