राज्यसभा में बजट चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मिडिल क्लास, रेलवे, और प्रवासी भारतीयों की समस्याओं को सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार मिडिल क्लास को आत्मा-रहित संरचना समझती है, जिसकी हड्डियों के ढेर पर चढ़कर 5 बिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाना चाहती है। राज्य सभा में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि गरीबों को सब्सिडी और स्कीम्स मिल जाती हैं, अमीरों के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं, लेकिन मध्यम वर्ग यानी मिडिल क्लास को कुछ नहीं मिलता। सरकार को लगता है कि मिडिल क्लास के पास कोई सपने और अरमान नहीं हैं। इसे सोने का अंडा देने वाली मुर्गी समझा जाता है, जिसे बार-बार निचोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, तो मांग भी बढ़ रही है, लेकिन यह मांग मिडिल क्लास से ही है जिसकी जेबें खाली हैं।
राज्यसभा में बजट चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मिडिल क्लास, रेलवे, और प्रवासी भारतीयों की समस्याओं को सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार मिडिल क्लास को आत्मा-रहित संरचना समझती है, जिसकी हड्डियों के ढेर पर चढ़कर 5 बिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाना चाहती है। राज्य सभा में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि गरीबों को सब्सिडी और स्कीम्स मिल जाती हैं, अमीरों के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं, लेकिन मध्यम वर्ग यानी मिडिल क्लास को कुछ नहीं मिलता। सरकार को लगता है कि मिडिल क्लास के पास कोई सपने और अरमान नहीं हैं। इसे सोने का अंडा देने वाली मुर्गी समझा जाता है, जिसे बार-बार निचोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, तो मांग भी बढ़ रही है, लेकिन यह मांग मिडिल क्लास से ही है जिसकी जेबें खाली हैं।