बागी सांसदों को BJP कभी स्वीकार नहीं करेगी, कल्याण बनर्जी के बदले तेवर, अभिषेक पर पिघला दिल

Kalyan Banerjee U Turn Politics: TMC में कल्याण बनर्जी का बड़ा यू-टर्न देखने को मिला। कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को अपना बेटा मान लिया है और बागी सांसदों को बड़ी चेतावनी दे दी है।
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अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी (IANS फाइल फोटो)
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Abhishek Banerjee Kalyan Banerjee Rift: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में विधायकों और सांसदों का पार्टी छोड़ने का सिलसिला चल रहा है। अब तक TMC के तीन सांसद राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। इसके बाद कल्याण बनर्जी पार्टी से नाराज दिखे। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर अपना अपमान करने का आरोप लगाया था। इन बयानों से अटकलें लगने लगीं कि कल्याण बनर्जी भी पाला बदल सकते हैं, लेकिन अब उनका रुख पूरी तरह बदल गया है।

अभिषेक मेरे बेटे जैसा है - कल्याण बनर्जी

अभिषेक बनर्जी पर अपनी टिप्पणी के बारे में जब TMC सांसद कल्याण बनर्जी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, "वह मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे की गलतियों को माफ करना पिता का काम है। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में कभी ऐसी स्थिति नहीं आई कि विपक्ष पूरी तरह खत्म हो जाए। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना रखने वाली हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।"

टीएमसी के बागी नेताओं को कल्याण बनर्जी की नसीहत

बंगाल में 19 TMC सांसदों के लोकसभा स्पीकर से मिलने पर TMC सांसद कल्याण बनर्जी का बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "उन्हें जो करना है करने दें। उन्हें BJP की शरण में रहना होगा। यह सब एक चाल है। वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास का कारण बताते हैं, लेकिन जो लोग अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा तक नहीं कर सकते, वे क्या काम करेंगे? जब पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खत्म हो चुका है।"

BJP स्वीकार नहीं करेगी - कल्याण बनर्जी

कल्याण बनर्जी ने टीएमसी सांसदों के पाला बदलने को लेकर कहा, "मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद भी पिछले एक महीने में क्या विकास हुआ है? BJP हमें परेशान कर रही है, पुलिस हमें परेशान कर रही है। पश्चिम बंगाल में किसी भी विपक्ष को कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा जैसी हम कर रहे हैं। जो 19 सांसद BJP में जा रहे हैं, उन्हें BJP स्वीकार नहीं करेगी।"

बता दें, कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस के 20 में से 19 बागी सांसदों ने पार्टी से अलग होने का मन बना लिया है। सांसदों ने मिलकर 18 मई को अपने नामों की सूची लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में सौंपी थी।

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