

Shipra River Accident: उज्जैन के महिदपुर नगर स्थित शिप्रा नदी के बड़े पुल पर एक दर्दनाक हादसे में मामा-भांजे की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि भांजे को बचाने के प्रयास में मामा ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी, लेकिन तेज गहराई और पानी के बहाव के कारण दोनों की जान नहीं बच सकी।
जानकारी के अनुसार नारायणखेड़ी निवासी 14 वर्षीय आयुष अपने परिजनों के साथ शिप्रा नदी के बड़े पुल के पास था। इसी दौरान उसकी चप्पल नदी किनारे गिर गई। चप्पल निकालने के लिए वह नदी में उतर गया। शुरुआत में पानी कम होने के कारण उसे कोई खतरा महसूस नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही दूरी पर नदी की गहराई अधिक होने से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूबने लगा।
आयुष को पानी में संघर्ष करता देख उसके 25 वर्षीय मामा आसाराम ने बिना समय गंवाए उसे बचाने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आसाराम उस समय ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। भांजे को डूबता देखकर उसने ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़ा किया और तुरंत नदी में छलांग लगा दी। हालांकि नदी की गहराई अधिक होने और तैराकी में कठिनाई के कारण वह भी पानी में फंस गया। देखते ही देखते दोनों नदी में समा गए।
घटना की सूचना मिलते ही महिदपुर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब ढाई घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद दोनों के शव नदी से बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बाद नारायणखेड़ी गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार आसाराम की शादी महज एक माह पहले ही हुई थी। परिवार में खुशियों का माहौल अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि इस दर्दनाक घटना ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। मामा-भांजे की एक साथ हुई मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। महिदपुर पुलिस ने लोगों से नदी और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने की अपील की है।